बजट न होने से मनरेगा मजदूरों का 18 करोड़ भुगतान लंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। धनाभाव के चलते जिले के करीब 70 हजार मनरेगा मजदूरों को दो माह से मजदूरी नहीं मिल पाई है। करीब 18 करोड़ की मजदूरी का भुगतान लंबित है। ऐसे में त्योहारों का सीजन होने के चलते मजदूरी करके परिवार की जीविका चलाने वाले मजदूरों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। काम करने के बाद मजदूर कभी बैंक तो कभी ब्लॉक का चक्कर काटते फिर रहे हैं।
मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्र के पुरुषों के साथ महिलाओं को गांव में ही रोजगार मुहैया कराने का सबसे बड़ा माध्मय है। गांव में काम मिल जाने की वजह से इसमें बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। जिले में इस योजना के तहत करीब 2 लाख 15 हजार सक्रिय मजदूर हैं। इस वित्तीय वर्ष में करीब 78 हजार मजदूरों को योजना के तहत काम मिला है। यह बात अलग है कि अगस्त 2023 से करीब 70 हजार मजदूरों की हजारों रुपये मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है।
इससे मजदूरों का 17 करोड़ 91 लाख 73 हजार 450 रुपये का बकाया हो गया है। नियमानुसार मजदूरों को काम करने के 15 दिवस के अंदर मजदूरी का भुगतान हो जाना चाहिए। परंतु इस बार बजट के अभाव में अगस्त माह से भुगतान नहीं हो पा रहा है। मजदूरी का भुगतान न होने से न सिर्फ मनरेगा मजदूर परेशान हैं बल्कि ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी भी मुश्किल में हैं।
लंबे समय से भुगतान न होने से मजदूर मनरेगा के तहत काम करने के लिए नहीं मिल रहे हैं। मनरेगा मजदूर गांवों में किसानों के खेतों व आम लोगों के यहां काम करके अपना खर्च निकाल रहे हैं। अंधियरवा ग्राम पंचायत के प्रधान वेदप्रकाश वर्मा ने बताया कि बीते दिनों मजदूरों से खड़ंजा, चकरोड व नाली निर्माण का काम कराया गया था। 45 मजदूरों का करीब 3 लाख रुपये मजदूरी बकाया है। अब अन्य कार्य के लिए मजदूर ही नहीं मिल रहे हैं। ग्राम प्रधान संघ कटेहरी के महामंत्री व मरथुआ सरैया के ग्राम प्रधान अजय पटेल ने भी मजदूरी का भुगतान न होने से मजदूरों के मिलने में संकट का हवाला दिया।
भुगतान के अभाव में बढ़ा आर्थिक संकट
अंधियरवां की रेखा देवी, हृदयराम, मंगरूराम, रामजन्म, कटोरा, सुदामा, किसलौता देवी व शोभनाथ, प्रतापपुर चमुर्खा की मंता देवी व शकुंतला देवी ने कहा कि काम करने के बाद वह लोग दो माह से मजदूरी भुगतान के लिए भटक रहे हैं। कहा कि इन दिनों त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में उन लोगों का 10 से 15 हजार रुपये की मजदूरी का भुगतान नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। मजदूरों ने शासन से जल्द से जल्द भुगतान कराए जाने की मांग की है।
जल्द होगा भुगतान
मजदूरों के खाते में शासन से जल्द भुगतान पहुंचेगा। इसी सप्ताह के अंत तक भुगतान होने की उम्मीद है। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लगभग 18 करोड़ रुपये मजदूरी का भुगतान होना लंबित है।
-आरपी मिश्र, मनरेगा उपायुक्त