उफनाई सरयू के पानी ने माझा इलाके में दो दर्जन गांव के लोगों का जीवन दुश्वार कर दिया है। माझा क्षेत्र के 535 परिवार बेघर हो गए हैं। उन परिवारों के सदस्यों ने पड़ोस में बस्ती जिले के एक बंधे पर शरण ली है। इस बीच शुक्रवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 99 सेंमी ऊपर पहुंच गया। नदी के पानी में कई दिन से लगातार हो रही वृद्धि से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। इस बीच आलापुर क्षेत्र में बाढ़ को देखते हुए माझा कम्हरिया के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
टांडा इलाके में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 99 सेमी ऊपर पहुंच जाने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। टांडा नगर के मेहनिया, नेहरूनगर, रौजा, मीरानपुरा, घसियारी टोला, छज्जापुर, राजघाट, कश्मीरिया नई बस्ती, तलवापार व काजीपुरा मोहल्लों की गलियों व सड़कों पर नाले के रास्ते बाढ़ का पानी भर गया है।
पानी कई घरों के अंदर तक पहुंच गया। इससे मोहल्लेवासी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उधर माझा उलटहवा के 11 पुरवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से 535 परिवार अपने घर छोड़कर बस्ती जिले के गोशैतीपुर बंधे पर डेरा जमा लिए हैं। शुक्रवार को टांडा विधायक संजू देवी व बस्ती विधायक रवि सोनकर की मौजूदगी में प्रशासन ने प्रभावित हर परिवार को चावल, आलू, सरसों का तेल, केरोसिन, नमक, अरहर की दाल, मोमबत्ती आदि का वितरण किया।
उधर माझा अवसानपुर, इस्माइलपुर, करमपुर बरसावां, माझा छज्जापुर समेत एक दर्जन से अधिक गांव भी बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। सड़कों पर पानी आने से ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। राजेसुल्तानपुर इलाके में नदी का पानी बढ़ने के चलते माझा कम्हरिया, अराजी देवारा, बद्री का पूरा, सत्यनरायन का पूरा, हंसू का पूरा, कल्लू का पूरा, सिद्धनाथ समेत एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं।
इन गावों की सड़कें व गलियां जलमगभन हो गई हैं। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए नाव की संख्या और बढ़ाई जानी चाहिए। उधर खंड शिक्षा अधिकारी जहांगीरगंज शैलेंद्र त्रिपाठी ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उच्च प्राथमिक व प्राथमिक विद्यालय माझा कम्हरिया में अवकाश घोषित कर दिया।