खतरे के निशान से 96 सेमी ऊपर पहुंचने के साथ ही सरयू नदी का पानी टांडा नगर के आधा दर्जन मोहल्लों में घुस गया। टांडा क्षेत्र के 11 गांव पानी से पूरी तरह घिर गए जिससे ग्रामीणों का पलायन तेज हो गया है। वे बस्ती जनपद की तरफ बंधे पर शरण ले रहे हैं। उधर आलापुर के माझा क्षेत्र में पानी का बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किल भी बढ़ गईं।
आधा दर्जन गांव में पानी घुसने से ग्रामीण परेशान हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को समय से जरूरी मदद देने का भरोसा दिया है। सरयू में उफान के चलते नाले के रास्ते बाढ़ का पानी टांडा नगर के मेहनिया, छज्जापुर, नेहरूनगर, राजघाट, कश्मीरिया नई बस्ती, तलवापार व काजीपुरा मोहल्ले तक पहुंच गया है।
मेहनिया में भगवानदेव, संगीता, हनुमान सहाय, ध्रुवलाल, लालजी, सोना देवी व उर्मिला के घर में बाढ़ का पानी घुस गया। नेहरूनगर निवासी भगवानदास, बेचई, रामपियारे, देवीप्रसाद आदि के घर भी पानी से घिर गए हैं। प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी घाट की सीढ़ियां पूरी तरह जलमगभन हो गई हैं।
माझा उलटहवा गांव के सभी मार्ग जलमग्न होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। आवागमन के लिए प्रशासन ने 10 नाव उपलब्ध कराई है। माझा उलटहवा के सभी 11 पुरवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से वहां के ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने लगे हैं। करीब 200 से अधिक घरों में खाना पकाने की समस्या उत्पन्न हो रही है।
इसके अलावा माझा करमपुर बरसावां, अवसानपुर, मुबारकपुर, डुहिया, बेलदहां, फूलपुर, केवटला, पल्टूपीर समेत डेढ़ दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। उफनाए थिरुआ नाले के चलते भी करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
उधर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों के समक्ष अनाज की भी समस्या खड़ी होने लगी है। नदी के जलस्तर में हो रही प्रति घंटा आधा सेंमी की वृद्धि को देखते हुए शुक्रवार तक फैजाबाद-टांडा मार्ग पर पानी पहुंचने की आशंका है।