63 किमी लंबे जहांगीरगंज रजवाहा (नहर) में पानी नहीं पहुंचने से करीब 30 हजार किसानों की धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। इससे 500 बीघा धान की फसल बर्बाद होने की आशंका से काश्तकार चिंतित हैं। आलापुर क्षेत्र में तो इस नहर में पानी पहुंच ही नहीं रहा।
टांडा तहसील क्षेत्र के भी कई इलाकों के खेत पानी बिना सूख रहे हैं। ऐसे में धान की फसल की सिंचाई को लेकर हजारों किसानों में त्राहि त्राहि मची है। उनका कहना है कि कुछ दिन और ऐसी ही स्थिति रही तो धान की फसल को सूखने से बचाया नहीं जा सकेगा।
गौरतलब है कि टांडा तहसील क्षेत्र के सिबलीपुर से निकली नहर जहांगीरगंज तक जाती है। टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए इसी नहर से पानी मिल पाता है। नहर को बीते दिनों एनटीपीसी ने सीमेंटेड कराया था। इसके साथ ही जगह जगह पर बनाए गए कुलाबे को पाइप डालकर ऊंचाई पर कर दिया गया।
इस समय नहर में पानी का संकट खड़ा हो गया है। आलापुर तहसील क्षेत्र में तो यह रजवाहा लगभग पूरी तरह सूखा हुआ है। टांडा तहसील के कुछ क्षेत्रों में भी ऐसा ही हाल है। सिबलीपुर से कुछ दूर तक ही इसमें थोड़ा बहुत पानी दिखता है, लेकिन इसका लाभ भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
क्योंकि जलस्तर इतना कम है कि पानी कुलाबे के मुहाने तक पहुंच ही नहीं पा रहा। कुलाबों से पानी निकल ही नहीं पाता। किसानों का कहना है कि पानी इतना कम है कि वह तलहटी से ऊपर नहीं आ रहा है। इससे जगह जगह लगे कुलाबे से पानी खेतों की तरफ नहीं जा रहा है। इस समय में किसानों को धान की फसल की सिंचाई के लिए पानी की बेहद जरूरत है। लेकिन नहर के सहारे सिंचाई की उम्मीद लगाए किसानों को परेशान हैं।
जहांगीरगंज नहर से टांडा तहसील के सुलेमपुर, परसावां, एकडल्ला, सोनहन, साबुकपुर जल्लापुर, आकूतपुर, बनियानी, सम्मोपुर, टड़वा मिश्र, पाईपुर बजदहिया, कोतूपुर सहित दर्जनों गांव और आलापुर क्षेत्र के 150 से अधिक गांव के किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिल पाता है। नहर विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते जरूरत के समय किसानों को सिंचाई वैकल्पिक प्रबंधों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
इसके बावजूद फसलों की सिंचाई संभव नहीं हो पा रही है। जहांगीरगंज नहर में पानी नहीं होने से दोनों तहसील क्षेत्र के करीब 30 हजार किसान परेशान हो रहे हैं। इनकी लगभग 500 बीघा धान की फसल सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैै। किसानों का कहना है कि गत वर्ष नहर में पर्याप्त पानी आया ही नहीं था। सफाई नहीं होने से भी मुश्किलें बढ़ी हैं।
क्षेत्र के मुकुट बिहारी, रामवेद, ब्रह्मानंद पटेल, वीरेन्द्र पटेल, आशुतोष सिंह आदि ने जिलाधिकारी से रजवाहा में अविलंब पर्याप्त पानी छुड़वाने की मांग की है। कहा कि जल्द पानी न छोड़ा गया तो सैकड़ों किसानों की धान की फसल बर्बाद हो जाएगी।