जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष के बाहर लगा मशीन खराब होने का नोटिस। संवाद
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में मरीजों को सीटी स्कैन जांच की सुविधा पांचवें दिन भी नहीं मिल सकी। अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन मंगलवार से खराब है। इसके चलते रोजाना करीब 50 से 70 मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ रहा है। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन मशीन का संचालन किया जा रहा है। मंगलवार को अचानक मशीन ने काम करना बंद कर दिया। संस्था के इंजीनियर ने जांच की तो मशीन के कई पार्ट जले मिले थे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले दिनों बिजली आपूर्ति में आई समस्या के दौरान हाई वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग से मशीन के कई पार्ट खराब हुए हैं।
मशीन की मरम्मत के लिए संबंधित संस्था ने जर्मनी से जरूरी पुर्जे मंगाए हैं। पांच दिन बीतने के बाद भी पुर्जे नहीं पहुंच सके हैं। इसके चलते मशीन को पूरी तरह ठीक कर चालू करने में देरी हो रही है।
अस्पताल में सीटी स्कैन जांच की सुविधा बंद होने से मरीजों के इलाज में भी देरी हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच कराने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। खास बात यह है कि पिछले तीन माह में मशीन के तीन बार खराब होने की बात सामने आई है।
नहीं हो सकी जांच, लौटे मरीज
कटेहरी निवासी सूरज यादव शनिवार को अपनी मौसी की सीटी स्कैन जांच कराने जिला अस्पताल आए थे। उन्होंने बताया कि सिर में चोट लगने के कारण चिकित्सक ने सीटी स्कैन कराने के लिए लिखा था। मशीन खराब होने के कारण जांच नहीं हो सकी। सिझौलिया गांव निवासी कंचन अपने रिश्तेदार की सीटी स्कैन जांच कराने सुबह अस्पताल पहुंचीं। सुबह करीब 11 बजे कर्मचारियों ने मशीन खराब होने की जानकारी दी। दोपहर बाद तक इंतजार करने के बाद भी मशीन नहीं चली तो उन्हें लौटना पड़ा।
चल रही मशीन की मरम्मत
मशीन की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। जर्मनी से आने वाले जरूरी पुर्जों का इंतजार है। पुर्जे मिलते ही मशीन को दुरुस्त कर चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। - डॉ. पीएन यादव, सीएमएस