आलापुर (अंबेडकरनगर)। अधिवक्ताओं की सामाजिक और आर्थिक सहायता के लिए गठित अधिवक्ता कल्याण समिति खुद घोटाले के गहरे दलदल में फंसती नजर आ रही है। समिति के सचिव/कोषाध्यक्ष अजीत यादव पर 35 लाख रुपये से अधिक के गबन का गंभीर आरोप लगा है, जिसे लेकर तहसील परिसर में दो दिन से जबरदस्त गहमागहमी है। मामले में पुलिस को केस दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दे दी गई है।
बृहस्पतिवार को अधिवक्ता संघ की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी अधिवक्ताओं ने एक मत से अजीत यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। समिति के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने इस मामले में थाना जहांगीरगंज में प्रार्थनापत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि जब से यह मामला सामने आया है, अजीत यादव तहसील आना छोड़ चुके हैं, जिससे अधिवक्ताओं के बीच संदेह और भी गहरा गया है। अधिवक्ता संघ के महामंत्री नरेंद्र यादव ने कहा कि यह तो सिर्फ प्रथम दृष्टया गबन है, जब अभिलेखों की विस्तृत जांच होगी, तो गबन की राशि और भी अधिक निकल सकती है।
वहीं, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि जांच समिति गठित की जा रही है। यदि किसी अन्य अधिवक्ता की संलिप्तता सामने आती है, तो संघ अपने नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करेगा। इस पूरे घटनाक्रम के चलते तहसील में दिन भर कयासों और चर्चा का बाजार गर्म रहा। थाना प्रभारी अजय प्रताप यादव ने बताया कि अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष की ओर से तहरीर मिली है, मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।