अंबेडकरनगर। जिला योजना के तहत बेवाना में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य अब तक नहीं पूर्ण हो सका है। पांच करोड़ नौ लाख की लागत से निर्मित होने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य वर्ष 2017 में पूर्ण होना था, कार्यदायी संस्था के साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते निर्धारित समय के दो वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
ऐसा तब है, जबकि कार्यदायी संस्था को पूरी राशि भी उपलब्ध करा दी गई है। अब तक लगभग 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। धीमी गति से निर्माण कार्य होने से संबंधित क्षेत्र की लगभग एक लाख की आबादी को सुचारु इलाज की उम्मीद को तगड़ा झटका लगा है।
सुचारु इलाज के लिए मरीजों को दूरदराज स्थित सरकारी अस्पताल तक की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए वर्ष 2014-15 में जिला योजना के तहत बेवाना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराए जाने को हरी झण्डी प्रदान की गई थी। पांच करोड़ नौ लाख की लागत से निर्मित होने वाले अस्पताल के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई।
वर्ष 2017 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य देते हुए कार्यदायी संस्था को राशि भी उपलब्ध करा दी गई। सीएचसी का निर्माण होने से संबंधित क्षेत्र की लगभग एक लाख की आबादी को एक उम्मीद बंधी थी कि उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, लेकिन शुरुआती दौर से ही इसके निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आने लगीं। तमाम शिकायतों के बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। ऐसा तब है, जबकि वर्ष 2017 में ही निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक लगभग 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के जेई विजय पाल ने बताया कि अस्पताल में मुख्य भवन के अलावा चार चिकित्सक आवास, 6 तृतीय श्रेणी व 6 चतुर्थ श्रेणी आवास का निर्माण होना है। उधर निर्माण कार्य अब तक पूर्ण न होने से बेहतर इलाज की उम्मीद लगाए लगभग एक लाख लोगों को तगड़ा झटका लगा है।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूर्ण हो, इसके लिए कार्यदायी संस्था को कड़े निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही निर्माण कार्या का जायजा भी लिया जाएगा। निर्माण में मानक का विशेष ध्यान दिए जाने का निर्देश दिया गया है।