अंबेडकरनगर के बीएन इंटर काॅलेज में इस तरह अव्यवस्थाओं के बीच जांची जा रही यूपी बोर्ड की काॅपियां।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं में मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों की मनमानी मंगलवार को भी जारी रही। विभागीय अधिकारियों के तमाम दिशा निर्देशों के बाद भी मंगलवार को 449 परीक्षक अनुपस्थित रहे।
परीक्षकों के नदारद रहने के चलते इसका प्रतिकूल प्रभाव कॉपियों के मूल्यांकन पर पड़ रहा है। उधर मंगलवार को कुल 66 हजार 900 कापियों का मूल्यांकन हुआ।
गौरतलब है कि बीते 21 मार्च को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा समाप्त होने के बाद 30 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ हुआ था। मूल्यांकन के कार्य में किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए तीन केंद्र बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर, जनता इंटर कॉलेज फत्तेपुर बड़ेगांव जलालपुर व सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज लारपुर को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया।
इन तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर 8 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं के सकुशल मूल्यांकन के लिए कुल 2 हजार 107 परीक्षकों को लगाया गया, जिनमें हाईस्कूल के 1 हजार 197 व इंटरमीडिएट के 910 परीक्षक शामिल हैं। मूल्यांकन को लेकर परीक्षकों की मनमानी शुरुआती दौर से ही जारी रही। तमाम दिशा निर्देशों के बाद भी पहले दिन सभी परीक्षक केंद्रों पर नहीं पहुंच सके। यह सिलसिला तब से लगातार जारी है। मंगलवार को भी कुल 449 परीक्षक नदारद रहे।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर में कुल 29 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ, जबकि 100 परीक्षक अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार जनता इंटर कॉलेज फत्तेपुर जलालपुर में 16 हजार 300 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ। यहां 125 परीक्षक अनुपस्थित रहे। सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की 7 हजार 660 व इंटरमीडिएट की 13 हजार 940 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ।
यहां 224 परीक्षक अनुपस्थित रहे। इस तरह मंगलवार को कुल 66 हजार 900 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ। उधर डीआईओएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि परीक्षकों के अनुपस्थित रहने का कॉपियों के मूल्यांकन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। शांतिपूर्ण ढंग से कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है। निर्धारित 15 अप्रैल तक सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर लिया जाएगा।