अंबेडकरनगर। जिले की पांचों तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायतों का अंबार लगा रहा। कुल 403 शिकायतें अधिकारियों के सामने पहुंचीं, लेकिन इनमें महज 38 मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। अधिकांश फरियादियों को अब संबंधित विभागों की कार्रवाई और शिकायतों के समाधान का इंतजार करना पड़ेगा।
जलालपुर तहसील में डीएम ईशा प्रिया और एसपी प्राची सिंह की मौजूदगी में समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां 88 शिकायतें प्राप्त हुईं। राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, स्वास्थ्य, नगर निकाय और चकबंदी समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें आईं। इनमें छह मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि 82 शिकायतें संबंधित विभागों को भेजी गईं। डीएम ने अधिकारियों को शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अकबरपुर तहसील में 107 शिकायतों में छह, टांडा में 46 में छह, भीटी में 55 में पांच और आलापुर तहसील में 107 शिकायतों में 15 शिकायतों का मौके पर समाधान हुआ। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समयसीमा में निस्तारण के निर्देश दिए गए।
सात बार में भी नहीं हुआ निस्तारण
जैतपुर क्षेत्र के गारोपुर निवासी राजेंद्र ने शिकायती पत्र देकर बताया कि गांव के कुछ लोगों ने सरकारी नाली और खाद के गड्ढे की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। राजेंद्र के अनुसार, वह मामले की शिकायत अब तक सात बार कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
लेखपाल लगा रहे मनमानी रिपोर्ट
जैतपुर क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर बड़ा गांव निवासी जय मंगल ने बताया कि पैतृक भूमि की पैमाइश के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि लेखपाल ने मौके की स्थिति की जांच किए बिना गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया।