अंबेडकरनगर के अकबरपुर पुराने तहसील तिराहे पर एडीएम के नेतृत्व में चलता मॉस्क चेकिंग अभियान।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। शराब बिक्री में चल रही मनमानी तथा मुनाफे के लिए आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने का मामला लगातार सामने आ रहा है। निकटवर्ती अयोध्या जनपद में शराब पीने से हुई मौत के बाद मारे जा रहे छापे में अब जिला मुख्यालय स्थित एक दुकान से 35 पेटी संदिग्ध देसी शराब बरामद हुई है। आबकारी विभाग की टीम ने क्यूआर कोड ट्रैक करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर 35 पेटियों में बरामद 888 ब्रांड की 200 एमएल की 1575 बोतल देसी शराब को टीम ने सीज कर दिया। साथ ही लाइसेंस निलंबित करते हुए आबकारी विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
पड़ोसी जनपद अयोध्या में जहरीली शराब पीने से दो नागरिकों की मौत के बाद जिले में जांच अभियान शुरू हुआ है। इस बीच बीते दिन जिला आबकारी अधिकारी अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक अतुल राय ने टीम के साथ अकबरपुर पुराने तहसील तिराहे के निकट संचालित देसी शराब की दुकान पर छापा मारा। इस दौरान दुकान पर 35 पेटियों में रखी गई 888 ब्रांड की 200 एमएल की 1575 बोतल देसी शराब बरामद हुई। बोतल पर लगे रैपर में निर्माता व निर्मित करने का स्थान लार्डस आसवनी, नंदगंज, गाजीपुर लिखा मिला।
टीम ने शराब उत्पादन व वितरण की स्थिति की सच्चाई जानने के लिए क्यूआर कोड ट्रैक करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसे में संदेह के आधार पर टीम ने बरामद 35 पेटी शराब को जब्त कर लिया। अनुज्ञापी त्रिभुवन वर्मा को नोटिस जारी करते हुए लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध पाया गया है। दुकान से बरामद शराब की बोतल पर लगे क्यूआर कोड को ट्रैक करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। क्यूआर कोड ट्रैक करने से पता चल जाता है कि शराब की निर्माता कंपनी कौन है, और इसकी आपूर्ति कहां के लिए हुई है। परंतु तमाम प्रयास के बावजूद कोड ट्रैक नहीं हुआ। ऐसे में संदेह और गहरा हो गया। इससे बरामद 35 पेटी देसी शराब को सीज करने के साथ ही दुकान के लाइसेंस को निलंबित किया गया है। विस्तृत जांच के लिए आबकारी निरीक्षक को निर्देशित किया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।