अंबेडकरनगर। जिले की साधन सहकारी समितियों सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा। इसके लिए समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है, जिससे समिति के कार्यों में पारदर्शिता आएगी। शासन स्तर से एक जगह से ही समितियों के रिकाॅर्ड, व्यवसाय की निगरानी की जा सकेगी। अब तक 32 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है।
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद सरकार समितियों को समृद्ध बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसानों के साथ अन्य लोगों को भी समितियों से लाभ मिल सके। कई समितियों पर लोगों को जन औषधि केंद्र, सीएससी और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब सरकार ने सभी समितियों को कंप्यूटरीकृत करने का निर्णय लिया है, जिस पर काम भी शुरू हो चुका है। समितियों का रिकाॅर्ड, उर्वरकों की बिक्री, धान व गेहूं की खरीद व अन्य व्यवसाय ऑनलाइन होंगे। इससे काम तेजी से होगा वहीं पारदर्शिता भी आएगी। सरकार आसानी से हर समितियों के व्यवसाय पर नजर रख सकेगी। जिले की 96 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है। प्रत्येक समिति पर चार लाख रुपये से अधिक खर्च का बजट शासन से जारी हो रहा है।
पहले चरण व दूसरे चरण में 15-17 समितियोंं को कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है। अब तीसरे चरण में 61 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जाना है। इनका कार्य पूरा होने के बाद शेष चयनित समितियों के कंप्यूटरीकृत करने का काम शुरू होगा। जिन समितियों पर कंप्यूटर लगाया गया है वहां के सचिव या पार्ट टाइम आपरेटर को जिला सहकारी बैंक प्रशिक्षण दिलाएगा। समितियों पर अब डाटा फीडिंग का काम चल रहा है।
दो चरण में 32 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है। तीसरे चरण में 61 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जाना है। शासन से बजट जारी होने के बाद समितियों पर काम कराया जाएगा।
- राघवेंद्र प्रताप शुक्ला, एआर कोऑपरेटिव