अंबेडकरनगर। जिले में बिजली आपूर्ति की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। शनिवार दोपहर कुर्की बिजली घर से अकबरपुर इंजीनियरिंग कॉलेज उपकेंद्र तक जाने वाली अंडरग्राउंड केबल फुंक जाने से 30 गांवों की बिजली 15 घंटे तक गुल रही। उमस भरी गर्मी में लोगों की रातें बेहाल रहीं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
घटना शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुई, जब अचानक अंडरग्राउंड केबल जल गई। इससे कटरिया, महमदपुर, ऊंचेगांव, गौसपुर, राबीपुर, बहाउद्दीनपुर, शेखपुरा, पसियापारा, चांदपुर, सुल्तानपुर सहित करीब 30 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और देर रात जेसीबी से खुदाई कर केबल बदलने का काम शुरू किया। आखिरकार रविवार सुबह 4:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। रविवार सुबह 9 बजे जिला मुख्यालय के वीआईपी फीडर पर अनुरक्षण कार्य के तहत पेड़ों की टहनियां काटी गईं। जिससे आपूर्ति छह घंटे तक बाधित रही। दोपहर 3:15 बजे बिजली आई, लेकिन एक घंटे बाद फिर कटौती हो गई। बार-बार ट्रिपिंग ने उपभोक्ताओं को दिन भर परेशान रखा।
टांडा व महरुआ क्षेत्र अधिक रहे प्रभावित
महरुआ उपकेंद्र से जुड़े लगभग 20 गांव जैसे नसीपुर, पतौना, मंशापुर, रामनगर कर्री, बड़ागांव, तिंदौली, सुखारीगंज आदि शनिवार रात 8 बजे से बिजली संकट से जूझते रहे। बरवा बैरमपुर उपकेंद्र में ब्रेकडाउन के कारण दो घंटे बिजली गुल रही। हालांकि रात 10 बजे आपूर्ति बहाल हुई। लेकिन ट्रिपिंग से राहत नहीं मिली। टांडा के सुलेमपुर उपकेंद्र से जुड़े बेलदहा, फूलपुर, अजमेरी बादशाहपुर, जल्लापुर, सम्मोपुर बनियानी, सोनहन सहित 40 गांवों में भी ट्रिपिंग की समस्या से लोग हलकान रहे।
इंवर्टर हुए फेल, पानी को तरसे लोग
लगातार छह घंटे की बिजली कटौती के कारण अधिकांश घरों के इनवर्टर जवाब दे गए। सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाने से पानी की भारी किल्लत हो गई। कई परिवारों को मोहल्ले के हैंडपंपों से पानी लाकर काम चलाना पड़ा। बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी और प्यास से सबसे अधिक तकलीफ झेलनी पड़ी।
आपूर्ति बहाल की गई
कुर्की में अंडरग्राउंड केबल जलने के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। केबल बदलकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। रविवार को पटेलनगर से रगड़गंज बाजार के बीच सड़क किनारे पेड़ों की टहनियां काटने का कार्य किया गया। देर शाम तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारु कर दी गई है।
— राजकुमार त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग