अंबेडकरनगर। महरुआ बाजार स्थित पावर कारपोरेशन के पतौना फीडर का इनकमिंग पैनल गुरुवार रात फुंक गया। इसके चलते करीब 50 गांवों की बिजली गुल हो गई। इससे करीब 30 हजार की आबादी को करीब 24 घंटे से बिजली आपूर्ति का लाभ नहीं पा सका है। कड़ाके की इस ठंड में आपूर्ति बहाल न होने से उपभोक्ताओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार रात ठप हुई आपूर्ति शुक्रवार पूरे दिन भी बहाल नहीं हो सकी। पैनल में आयी गड़बड़ी को दूर करने के लिए पूरे दिन बिजली विभाग की तकनीकी टीम लगी रही।
गुरुवार आधी रात करीब महरुआ उपकेंद्र के पतौना फीडर के इनकमिंग पैनल से अचानक धुआं का गुबार उठने लगा। कर्मचारी जब तक कुछ समझ पाते, तब तक पैनल फुंक गया, और क्षेत्र की आपूर्ति ठप हो गई। आपूर्ति ठप होने पर उपभोक्ताओं को लगा कि अभी कुछ देर में आपूर्ति बहाल हो जाएगी। शुक्रवार सुबह भी जब आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो उपभोक्ताओं ने फोन घुमाना शुरू किया तो पता चला कि आपूर्ति बाधित होने का कारण फीडर का इनकमिंग पैनल है।
ऐसे में उपभोक्ताओं को अंदाजा हो गया कि अब आज दिन भर आपूर्ति मिल पाना मुश्किल ही है। हालांकि विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपभोक्ताओं को आश्वासन देते रहे कि शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। परन्तु ऐसा नहीं हो सका। शाम होने के बाद भी जब आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो उपभोक्ताओं को काफी मायूसी है। महरुआ बाजार में पूरे दिन आपूर्ति न होने से कई तरह के व्यवसाय से जुड़े दुकानदारों को काफी मुश्किल हुई।
पैनल फुंकने से महरुआ, बरामदपुर जरियारी, मंशापुर, करौना, हीड़ी पकड़िया, सारंगपुर दियरा, मगनपुर, सेहरा जलालपुर व रामनगर कर्री सहित करीब 50 से अधिक गांव आपूर्ति से वंचित रहे। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो पैनल की गड़बड़ी दूर हो सकी, और न ही बिजली बहाल हुई। इससे उपभोक्ता काफी परेशान हुए। उपभोक्ता अखिलेश कुमार, चन्दिका मिश्र, मैनुद्दीन अंसारी, अभिमन्यु वत्स व मिण्टू सिंह का कहना है कि उपकेन्द्र पहले से ही ओवरलोड चल रहा है। जर्जर उपकरणों के सहारे किसी तरह आपूर्ति बहाल की जाती है। इसी का परिणाम है कि आए दिन गड़बड़ी उत्पन्न होती रहती है, और इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।
उपकेंद्र के अवर अभियंता रवींद्र कुमार पाल ने बताया कि इनकमिंग पैनल में आयी गड़बड़ी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। पूरे दिन टीम लगी रही। रात में इसे दुरुस्त कर लेने की उम्मीद है। प्रयास होगा कि रात में ही आपूर्ति बहाल कर दी जाए। उपभोक्ताओं के हितों का पूरा ख्याल रखा जाता है।