अंबेडकरनगर। आंदोलित लेखपालों पर सख्ती का दौर तेज हो गया है। केस दर्ज कराने के बाद भी हड़ताल जारी रहने पर अब कुल 21 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। दो अस्थाई लेखपालों को बर्खास्तगी की नोटिस जारी की गई है, जबकि 48 लेखपालों के लिए ब्रेक इन सर्विस का आदेश जारी हुआ है। 30 लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस की नोटिस जारी हुई है। इस बीच डीएम व एडीएम ने लेखपालों को चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाएगी।
प्रांतव्यापी आहवान पर लेखपाल संघ हड़ताल पर हैं। अलग अलग तहसीलों में केस दर्ज कराने के साथ ही अब लेखपालों को निलंबित करने का दौर भी शुरू हो गया है। दरअसल केस दर्ज कराने के बावजूद हड़ताल जारी रखने के चलते अब प्रशासन ने निलंबन का निर्णय लिया है। जिले की अलग अलग तहसीलों में कुल 21 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया।
अकबरपुर एसडीएम अभिषेक पाठक ने बताया कि अकबरपुर तहसील इकाई के मंत्री रामशेष वर्मा तथा उपाध्यक्ष उमापति उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है। 10 लेखपालों को एसडीएम ने ब्रेक इन सर्विस की नोटिस जारी की है।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष जयदेव पाण्डेय व मंत्री सुभाष चन्द्र को एसडीएम महेंद्र पाल सिंह ने निर्देशों के विपरीत जाकर काम करने व अनुशासहीनता आदि आरोपों में निलंबित कर दिया। 10 लेखपालों के विरुद्ध ब्रेक इन सर्विस की नोटिस जारी हुई।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे, तहसील इकाई अध्यक्ष मोहम्मद सलीम व मंत्री राकेश वर्मा को एसडीएम देवीदयाल वर्मा ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया। इसके साथ दो अस्थाई लेखपाल सरजू प्रसाद दुबे तथा सुनील दुबे को बर्खास्तगी की नोटिस जारी की गई है। इसके साथ ही 48 लेखपालों की सर्विस ब्रेक होने का आदेश एसडीएम ने जारी कर दिया। इन लेखपालों को सर्विस ब्रेक होने की नोटिस पहले जारी हो चुकी थी।
शुक्रवार देर शाम एडीएम अमरनाथ राय ने बताया कि जिले में कुल 21 लेखपालों को निलंबित किया गया है। 48 लेखपालों की सर्विस ब्रेक होने का आदेश जारी किया गया है, जबकि 35 लेखपालों को सर्विस ब्रेक होने की नोटिस दी गर्ई है। दो अस्थाई लेखपालों को बर्खास्तगी की नोटिस जारी की गई है।