अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जिले में तीन प्रमुख सड़कों के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिलने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। 9 करोड़ की लागत से बनने वाली इन सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पीके कांस्ट्रक्शन को मिली है। संबंधित सड़कों के निर्माण से करीब एक लाख की आबादी को बेहतर आवागमन का लाभ मिलेगा।
बड़े पैमाने पर नई सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी कराई जा रही है। है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बीते दिनों शासन ने तीन सड़कों के निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी। 9 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली इन सड़कों में 3 करोड़ 96 लाख की लागत से लुंबनी-दुद्धी मार्ग से दोस्तपुर होते हुए जलालपुर मार्ग, 2 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत से गोसाईगंज से चनहा चौराहा होते हुए भीटी संपर्क मार्ग व 3 करोड़ रुपये की लागत से खजूरडीह पांती होते हुए महरुआ संपर्क मार्ग शामिल हैं।
लगभग 9 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली इन सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पीके कांस्ट्रक्शन को सौंपी गई। निर्माण में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न हो, इसके लिए जरूरी राशि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध भी करा दिया गया। धन की उपलब्धता होते ही कार्यदायी संस्था ने बीते दिनों संबंधित सड़कों के निर्माण का कार्य प्रारंभ भी कर दिया। कार्यदायी संस्था के एमडी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जुलाई 2020 में निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। संबंधित सड़कों के निर्माण से लगभग एक लाख की आबादी को सुचारु आवागमन में लाभ मिलेगा। कार्य बेहतर ढंग से कराया जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में इसका सुचारु लाभ क्षेत्रीय लोगों तथा बाहरी यात्रियों को मिल सके।
9 करोड़ की लागत से तीन सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। जुलाई 2020 तक निर्माण कार्य पूर्ण होना है। इसे देखते हुए तेजी से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
- आशीष मेहरोत्रा, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई
प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के तहत निर्माणाधीन तीन सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता की जांच करने के लिए गुरुवार को स्टेट क्वालिटी मॉनीटर केके मिश्र जिले में पहुंचे। उन्होंने पीएमजीएसवाई के प्रभारी अशीष मेहरोत्रा के साथ संबंधित सड़कों का निरीक्षण किया। उन्होंने कई स्थानों पर सड़कों को खुदवाकर उसमें लगी सामग्रियों की गुणवत्ता को परखा। साथ ही उन्होंने मिट्टी पटाई की गहराई की भी जांच की। निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों व ठेकेदारों को निर्देशित किया कि निर्माण में मानक का पूरा ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो कार्रवाई भी की जाएगी।
1. 3.96 करोड़ की लागत से लुंबनी-दुद्धी से दोस्तपुर होते हुए जलालपुर मार्ग,
2. 2.4 करोड़ की लागत से गोसाईगंज से चनहा चौराहा होते हुए भीटी संपर्क मार्ग
3. 3 करोड़ रुपये की लागत से खजूरडीह पांती होते हुए महरुआ संपर्क मार्ग