डीएम के आदेश पर यहां लगाए गए परीक्षण कैंप में भी 63 लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए थे। इस बीच रविवार को अहिरौली थाना क्षेत्र के कौड़हा मूसेपुर गिरंट निवासी एक डेंगू पीड़ित एक युवक और सकरावल से 12 नए मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधर शनिवार सुबह सकरावल की एक महिला की मौत मामले में परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी से की। श्री मांझी ने पूरे मामले की जांच कराने एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। रविवार को जिला अस्पताल में डेंगू पीड़ितों के लिए अलग से वार्ड की स्थापना की गई है।
रविवार को अहिरौली थाना क्षेत्र के कौड़ाहा मूसेपुर गिरंट निवासी वीरेंद्र (38) पुत्र रामनयन जिला अस्पताल में भर्ती हुआ। दो दिन पहले से ही वीरेंद्र बुखार से पीड़ित था। स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बाद भी जब तबियत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद उसके रक्त में डेंगू के लक्षण पाए गए।
इसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया। सीएमएस डा. बीके पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू पीड़ितों के इलाज के लिए अलग से वार्ड की स्थापना की गई है। वीरेंद्र को उसी वार्ड में रखा गया है। सीएमएस ने बताया कि इसके अलावा टांडा तहसील के सकरावल मोहल्ले से डेंगू के 12 नए मरीजों को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन सबका इलाज किया जा रहा है।
उधर शनिवार को टांडा थाना क्षेत्र के सकरावल मोहल्ला निवासिनी साजिदा बेगम (55) की मौत के बाद परिवारीजनों ने इसे डेंगू से हुई मौत बताया है जबकि सीएमओ के मुताबिक महिला की मौत हृदय गति रुकने से हुई है। परिवारीजनों का आरोप है कि महिला को सद्दरपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने को लेकर हीलाहवाली की जा रही थी। इसी दौरान उसकी मौत हो गई।
परिवारीजनों का कहना है कि यदि समय पर इलाज किया गया होता, तो उसकी मौत न होती। इसकी शिकायत स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी से भी की गई। श्री मांझी ने पूरे मामले की जांच कराने एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। सीएमओ मेजर डा. बीपी सिंह ने बताया कि टांडा में स्थिति सामान्य है, लेकिन 12 नए डेंगू के मरीज जिला अस्पताल लाए गए हैं, उनका उपचार कराया जा रहा है।