दीपपर्व के उल्लास के बाद अब जिले में छठ पर्व की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। पुत्र की दीर्घायु के लिए की जाने वाली इस पूजा को लेकर महिलाओं में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर महिलाओं ने आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं।
पर्व के मद्देनजर आवश्यक पूजा सामग्रियों की खरीददारी के लिए रविवार को जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी बड़ी बाजारों में महिलाओं ने खरीददारी की। शहजादपुर में पूजा सामग्रियों की खरीददारी करने पहुंची अकबरपुर नगर की शिक्षिका रिचा शुक्ला व रीना गौड़ ने कहा कि उनके लिए यह पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कहा कि उनके एक एक पुत्र है। उसकी दीर्घायु की कामना करने के लिए वे छठ पर्व प्रत्येक वर्ष उल्लास व श्रद्धा के साथ मनाती हैं। बताया कि पर्व के उल्लास में किसी प्रकार की कमीं न रह जाए, इसके लिए रविवार को अवकाश के चलते उन्होंने खरीददारी कर ली।
चूड़ी व अन्य सौंदर्य प्रसाधन की खरीददारी करने पहुंची गृहणी शोभा व पूजा ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष छठ पर्व अत्यंत उल्लास के साथ मनाती हैं। इस दिन वे घाट पर पहुंचकर स्नान करती हैं और इसके बाद सूर्य देवता की पूजा कर पुत्र की दीर्घायु की कामना करती है।
उधर पर्व के मद्देनजर रविवार को भी घाटों की साफ सफाई को लेकर संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। पवित्र श्रवणक्षेत्र धाम में संगम तट पर बना घाट मौजूदा समय में पूरी तरह गंदगी की चपेट में है। तमाम मांग के बाद भी इसकी साफ सफाई नहीं कराई जा सकी है।
कुछ ऐसा ही हाल टांडा में राजघाट, महादेवा घाट का भी है। अकबरपुर नगर के शिवालय घाट व आलापुर में सरयू नदी के घाटों की स्थिति भी बदहाल है। घाटों व तालाबों पर अव्यवस्था को लेकर महिलाओं ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी का इजहार किया और कहा कि श्रद्धा के मामलों में प्रशासन को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।