मेगा लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश व प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. गोकुलेश ने किया। इसके बाद उन्होंने मोटर दुर्घटना से जुड़े एक वाद का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्ष को एक लाख 80 हजार रुपये का लाभ दिलाया।
अपर जिला न्यायाधीश सर्वेश कुमार ने एक विद्युत वाद का निस्तारण करते हुए चार हजार रुपये जुर्माना लगाया। अपर जिला जज वीके जायसवाल ने तीन वादों का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय बुद्धि सागर मिश्र ने छह वादों का निपटारा कराया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने फौजदारी के 20 मामलों का निस्तारण करते हुए 10 हजार 200 रुपये अर्थदंड लगाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट रामलाल ने फौजदारी के 32 वाद निपटाने के साथ ही 1290 रुपये अर्थदंड लगाया। सिविल जज जूनियर डिवीजन जेएम टांडा चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने तीन दीवानी वादों का निस्तारण किया।
प्रथम अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन मुन्ना प्रसाद ने फौजदारी के एक वाद का निस्तारण कराया। लोक अदालत में कुल 251 वाद निपटाए गए तथा 17 हजार 140 रुपये अर्थदंड लगाकर वसूली की गई। नगर पंचायत व नगर पालिका द्वारा प्री लिटिगेशन के 19 मामले भी निपटाए गए।
इसमें कुल 425 लोग लाभान्वित हुए। लोक अदालत में अपर जनपद न्यायाधीश राजीव कुमार, अपर जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार के अलावा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव, वशिष्ठ मिश्र, पंकज नायक, हरिशंकर, फिरोज आदि मौजूद रहे।