अंबेडकरनगर। जुलाई में सरयू व अन्य नदियों के उफनाने से आने वाली बाढ़ की आशंका को देखते हुए दो तहसीलों के 23 गांवों को संवेदनशील माना गया है। यहां के बाशिंदों को बाढ़ के दौरान कोई समस्या न हो, इसके लिए 13 बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई हैं। बाढ़ आने से पूर्व सुरक्षात्मक तैयारियां पूरी करने के लिए मंगलवार को डीएम अनुपम शुक्ला ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की और अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां तय की।
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि जनपद में प्रमुख नदियां सरयू और तमसा हैं, जबकि थिरुआ नाला भी बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील है। जनपद की टांडा और आलापुर तहसीलें बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित मानी जाती हैं। टांडा की 10 और आलापुर के 13 ग्रामों को बाढ़ संभावित ग्राम के रूप में चिह्नित किया गया है, जिससे कुल 23 ग्राम बाढ़ प्रभावित घोषित किए गए हैं। इन क्षेत्रों में 13 बाढ़ चौकियां और राहत शिविर स्थापित कर दिए गए हैं।
बनाया गया कंट्रोल रूम
आपदा की स्थिति में त्वरित राहत व सहायता के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (फोन: 05271-244250, 244550) सक्रिय किया गया है। साथ ही टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन नंबर 1077 भी 24 घंटे कार्यरत रहेगा।
खाद्यान्न, जलनिकासी व चिकित्सा व्यवस्था के निर्देश
डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न और ईंधन की आपूर्ति पूर्व से सुनिश्चित की जाए। नगर पालिका को निर्देश दिए गए कि नगरीय क्षेत्रों में जलनिकासी, नालों की सफाई तथा जलभराव की स्थिति में पंपिंग सेट की व्यवस्था की जाए।
स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश
बाढ़ के दौरान संक्रामक रोगों, सर्पदंश व महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं, टीकाकरण व चिकित्सा टीमों की व्यवस्था रखने के निर्देश सीएमओ को दिए गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाएं, वृद्ध, दिव्यांग एवं बच्चों की सूची बनाकर विशेष चिकित्सीय सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
सड़कों की मरम्मत व चारे के इंतजाम के भी निर्देश
पीडब्ल्यूडी व अन्य संबंधित विभागों को बाढ़ के दौरान बंद हो सकने वाले मुख्य मार्गों के वैकल्पिक रूट, संपर्क मार्ग, पुलों, सड़कों की मरम्मत और भारी उपकरणों व सामग्री की पूर्व उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बाढ़ के समय पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने और बाढ़ राहत शिविरों में पशुओं के लिए समुचित स्थान की व्यवस्था पर भी बल दिया गया।