अंबेडकरनगर। जिले में 2130 आंगनबाड़ी केंद्र उधारी के भवनों में चल रहे हैं। इससे न सिर्फ कई बार योजनाओं के क्रियान्वयन में मुश्किल होती है बल्कि केंद्रों पर शिक्षा व्यवस्था भी बेपटरी हो जाती है। मौजूदा समय में जिले में कुल 2551 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से सिर्फ 421 के पास ही अपना भवन है, शेष 1997 प्राथमिक स्कूल, 104 पंचायत व सामुदायिक भवन व 29 किराए के भवनों में संचालित होते हैं।
जिले में 2551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं लेकिन इनमें से महज 421 आंगनबाड़ी केंद्रों को ही अपना भवन मिल सका इै। इसके अलावा 1997 केंद्र नजदीकी प्राथमिक विद्यालय के कक्षों व परिसर में संचालित हो रहे हैं। इसी तरह 104 आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत/सामुदायिक भवन के सहारे हैं।
29 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे भी हैं जिन्हें किराए के कमरे में संचालित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन न होने के चलते कई बार योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन में कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को मुश्किल होती है। विभाग की सख्ती के बीच उन्हें किसी तरह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होता है। सबसे ज्यादा मुश्किल तो बच्चों को पढ़ाने में होती है। कार्यकर्ता इसे लेकर समय-समय पर आवाज भी उठाती रहती हैं लेकिन इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास भवन नही है, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन उपलब्ध कराने के लिए विभागीय पत्राचार किया जा रहा है। शासन का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
-दिनेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी