अंबेडकरनगर। भीषण गर्मी में बिजली घर ओवरलोड होने से शहर से लेकर गांव तक बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। कहीं ट्रांसफार्मर खराब होने तो कहीं लो वोल्टेज से मंगलवार को शहर व 200 गांव की बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे एक लाख से अधिक आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
अकबरपुर पारिवारिक न्यायालय के पास लगे 250 केवी ट्रांसफार्मर से गांधीनगर, तहसील तिराहा इलाकों को बिजली आपूर्ति दी जाती है। सोमवार रात करीब 12 बजे ट्रांसफार्मर का फ्यूज खराब हो गया, जिसके बाद एक हजार से अधिक आबादी को अंधेरे में रहना पड़ा। उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के जिम्मेदारों को फोन किया, लेकिन समस्या दूर नहीं की गई। मंगलवार सुबह नौ बजे के बाद बिजली कर्मियों ने ट्रांसफार्मर ठीक कराकर आपूर्ति बहाल कराई। शहर के बरवा बैरमपुर उपकेंद्र से जुड़े करीब एक दर्जन मोहल्लों में सोमवार रात से लेकर मंगलवार पूरा दिन ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान रहे। सबसे ज्यादा समस्या ऊपरी हिस्सों में रहने वाले उपभोक्ताओं को उठानी पड़ी। तपिश के कारण घर में रहना मुश्किल हो गया।
यहां भी उपभोक्ता रहे बेहाल
राजेसुल्तानपुर/महरुआ। विद्युत उपकेंद्र तेंदुआई कला के फीडर गिरैया बाजार, कम्हरिया व सिंघल पट्टी बिजली घर का भी बुरा हाल रहा। यहां सोमवार शाम छह बजे से रात दो बजे तक हर 15 मिनट पर बिजली कटौती से उपभोक्ताओं पूरी रात सो नहीं सके। मंगलवार सुबह ट्रिपलिंग की समस्या दूर हुई, लेकिन बिजली कटौती के चलते दिन में 5 से 6 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल सकी। यही हाल महरुआ बिजली घर के जुड़े नसीरपुर, पतौना और वेस्ट फीडर का रहा। 70 गांव की 50 हजार से अधिक आबादी सोमवार पूरी रात बिजली कटौती से हलकान रही।
उद्योग धंधे रहे प्रभावित
लो वोल्टेज और बिजली कटौती से कुटीर उद्योग धंधों पर असर देखने को मिला। महरुआ बाजार के पंकज अग्रहरि, घनश्याम, विवेक सिंह, चंदन पांडेय का लोहे कारखाना बंद रहा, राजेसुल्तानपुर, कटेहरी, भीटी समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में आटा चक्की पर गठरियों के ढेर लगे रहे। वेल्डिंग मशीन समेत अन्य उद्योग धंधे मंगलवार को ठप रहे। कुछ लोगों ने जेनरेटर से अपने जरूरी काम निपटाएं, लेकिन अन्य दुकानों पर उपभोक्ता बिजली आने का इंतजार करते नजर आए।
फसल की नहीं हो पाई सिंचाई
पूर्व प्रधान अवधेश पांडेय ने लो वोल्टेज पर नाराजगी जताई। प्रधान रत्नेश सिंह, संजीव मिश्रा का कहना है कि इन दिनों गन्ने की सिंचाई का कार्य चल रहा है। बार-बार बिजली कटौती से फसल की सिंचाई का काम नहीं हो पा रहा है। यदि यही हाल रहा तो धान की नर्सरी भी नहीं लग पाएगी।
गर्मी से हो रही ओवरलोडिंग
भीषण गर्मी के चलते ओवरलोडिंग की समस्या है। फाॅल्ट होने की दशा में उसे तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राजकुमार त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता