अंबेडकरनगर। लर्निंग बाई डूइंग लैब के तहत बच्चों को स्कूल में ही विभिन्न माध्यमों से करके सीखने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए जिले के 20 परिषदीय विद्यालयों को स्किल लैब के रूप में विकसित किया जाएगा।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यालयों को कौशल केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। पहले चरण में अकबरपुर से चार और अन्य ब्लॉक के दो-दो विद्यालयों में लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इसमें शिक्षक व प्रशिक्षक बच्चों को चार ट्रेड में प्रशिक्षण देंगे।इसमें इंजीनियरिंग एंड वर्कशाप, एनर्जी एंड एन्वायरमेंट, एग्रीकल्चर नर्सरी और गार्डनिंग व होम एंड हेल्थ के टूल्स, उपकरण व सामग्री क्रय होंगी। इस पहल से स्कूल में बच्चों को पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के साथ ही कौशल विकास की ट्रेनिंग भी मिल सकेगी।
विज्ञान के प्रयोग सहित अन्य तकनीक बच्चों को सिखाई जाएंगी, ताकि ये जानकारी बच्चों के दिमाग में अधिक समय तक रहे। इसके लिए टूल्स, किट, लैब से जुड़ी अन्य सामग्रियों की खरीद को लेकर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। जिले में नौ ब्लॉक के 20 परिषदीय विद्यालयों का चयन किया गया है। इसमें उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूल शामिल हैं।
मिलेगी कौशल विकास की ट्रेनिंग
लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम के तहत 20 परिषदीय विद्यालयों को स्किल प्रयोगशाला के रूप में विकसित जाएगा। इस पहल से स्कूल में बच्चों को पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के साथ ही कौशल विकास की ट्रेनिंग भी मिल सकेगी। इससे वे नई तकनीक के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी