969 प्रत्याशी अभी भी मैदान में डटे हुए हैं। उधर दोनों विकास खड में ग्राम पंचायत सदस्य के 545 पद के लिए किसी ने नामांकन ही नहीं किया है।
ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए बीते दिनों ही चौथे व अंतिम चरण में जलालपुर व भियांव विकास खंड में नामांकन प्रक्रिया हुई थी। 30 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच एवं एक दिसंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण हुई। इसमें 1 हजार 578 ऐसे प्रत्याशी सामने आए, जिनके विरोध में कोई भी प्रत्याशी नहीं था।
ऐसे में इन प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया। मालूम हो कि दोनों विकास खंड में ग्राम पंचायत सदस्य के 2565 पद के लिए 2 661 दावेदारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के बाद नामांकन पत्रों के निरस्त किए जाने एवं नाम वापसी के बाद कुल 2547 प्रत्याशी मैदान में थे।
इनमें से 1578 प्रत्याशियों के विरुद्ध कोई अन्य प्रत्याशी न होने से उनके निर्विरोध चुने का रास्ता साफ हो गया, जबकि 969 प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। विशेष बात यह कि दोनों विकास खण्उ में 545 पद के लिए किसी भी प्रत्याशी ने अपनी दावेदारी नहीं की है।
भियांव के आरओ अजीत कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य के 1057 पद के लिए बीते दिनों नामांकन हुआ था, जिसमें 1005 दावेदारों ने अपने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नामांकन पत्रों की जांच एवं नाम वापसी के बाद कुल 959 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से 696 प्रत्याशियों के विरोध में किसी अन्य प्रत्याशी के न होने पर उनका निर्विरोध चुना जाना तय है।
263 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि 238 पदों के लिए किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। जलालपुर के आरओ रामरतन यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य के 1508 पद के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न हुई थी, जिसमें कुल 1 हजार 656 दावेदारों ने अपने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे।
नामांकन पत्रों की जांच व नाम वापसी के बाद कुल 1588 दावेदार मैदान में बचे थे। इनमें से 882 प्रत्याशियों के विरोध में किसी अन्य प्रत्याशी के न होने पर उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। 706 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि 307 पद के लिए किसी ने नामांकन ही नहीं किया।