राजेसुल्तानपुर। विद्युत उपकेंद्र रामनगर के अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी की वजह से जहांगीरगंज फीडर से जुड़ी करीब 30 हजार की आबादी पूरी रात अंधेरे में रहने को विवश रही। गुरुवार शाम करीब सात बजे बाधित हुई आपूर्ति शुक्रवार सुबह करीब सवा सात बजे बहाल हुई। पूरी रात उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में गुजारना पड़ा।
बताया जाता है कि गुरुवार देर शाम करीब सात बजे किसी ने उपकेंद्र में सूचना दी कि मामपुर गांव के पास लगे ट्रांसफार्मर में आग लग गई है। इससे ट्रांसफार्मर जल रहा है। सूचना के बाद उपकेंद्र से जहांगीरगंज फीडर की आपूर्ति ठप कर दी गई।
उपभोक्ताओं को लगा कि शायद कुछ देर के लिए यह कटौती हुई हो, लेकिन इंतजार में पूरी रात बीत गई और आपूर्ति बहाल नहीं हुई। उपभोक्ताओं ने कई बार उपकेंद्र के कर्मचारियों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन फोन ही नहीं उठा। भीषण गर्मी में किसी तरह उपभोक्ताओं ने रात गुजारी। सुबह होने पर एक बार फिर उपभोक्ताओं ने जानकारी के लिए प्रयास किया। पता चला कि विभाग को किसी ने मामपुर में ट्रांसफार्मर फुंकने की सूचना दे दी थी। इसके चलते आपूर्ति रोक दी गई थी।
विभाग की इस मनमानी से उपभोक्ताओं में नाराजगी का माहौल है। उपभोक्ताओं का कहना है कि किसी एक गांव के ट्रांसफार्मर में आई गड़बड़ी की वजह से पूरे क्षेत्र की आपूर्ति रोक देना मनमानी ही है। जहांगीरगंज फीडर से 35 से अधिक गांव अन्नापुर, कटघर, नरियाव, जहांगीरगंज, ककरापार, सुजावलपुर, हरिहरपुर, ऐनवां, कोटिया, अदिलापुर, आदमपुर, उमरी, सोल्हवा, कल्याणपुर, इशहाकपुर, नरवां पीतांबरपुर, जेठास, सरजूनगर, इटहिया, चाडी़पुर, परतूपुर व कम्हरिया आदि दर्जनों गांव है। विभाग की इस मनमानी से पूरी रात करीब 30 हजार की आबादी आपूर्ति से वंचित रही।
ग्रामीण मधुकर तिवारी, प्रदीप पांडेय, उपेंद्र चौरसिया, जितेंद्र सिंह, अजय यादव व वीरेन्द्र तिवारी आदि ने विभाग की इस मनमानी पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उधर जेई प्रवेश निषाद का कहना है कि ट्रांसफार्मर में आग लगने की सूचना पर आपूर्ति रोकी गई थी। बाद में आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन तकनीकी दिक्कत के चलते रात में बहाल नहीं हो पाई।