अंबेडकरनगर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। शासन के निर्देश पर बीते दिनों चले जांच अभियान में पाया गया कि जिले में 25 हजार से अधिक पात्र ऐसे हैं जो फर्जी ढंग से दो-दो जगह से सस्ती दर पर खाद्यान्न ले रहे हैं।
ऐसे पात्रों पर प्राथमिक कार्रवाई के तौर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा चार हजार से अधिक ऐसे लोग भी मिले, जिनके आधार कार्ड की सीडिंग में गड़बड़ी पाई गई। इन पर भी कार्रवाई करते हुए खाद्यान्न उपलब्ध कराने पर रोक लगा दी गई है।
इस प्रकार विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियों के चलते 29 हजार से अधिक को खाद्यान्न देने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा बीते बुधवार को चले एक दिन के क्रॉस चेकिंग अभियान में दो कोटे निलंबित कर लापरवाही में चार अन्य कोटेदारों की पांच-पांच हजार रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई है।
दरअसल, खाद्यान्न वितरण में सामने आ रही गड़बड़ियों को ध्यान में रखते हुए शासन ने बीते दिनों अभियान चलाकर जांच करने का निर्देश दिया था।
इसमें कहा गया था कि ऐसे नामों पर विशेष ध्यान दिया जाए जो दो स्थानों से सस्ते दर पर अनाज ले रहे हैं। बताते चलें कि जिले में कुल 1 हजार 137 कोटे की दुकानें हैं। इनसे 3 लाख 95 हजार 374 कार्डधारक, जबकि 17 लाख 13 हजार 158 यूनिट जुड़ी हैं। इनमें अन्त्योदय के 65 हजार 967, जबकि पात्र गृहस्थी के 3 लाख 29 हजार 407 कार्डधारक शामिल हैं।
जिलापूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र ने बताया कि शासन के निर्देश पर बीते दिनों चले विशेष अभियान में 25 हजार लोग ऐसे पाए ग, जो दो स्थानों से योजना के तहत सस्ते दर पर अनाज हासिल कर रहे थे। इसके अलावा चार हजार ऐसे लोग पाए गए, जिनके आधार कार्ड की सीडिंग में गड़बड़ी थी।
इसे देखते हुए तत्काल प्रभाव से संबंधित लोगों को सस्ती दर पर अनाज वितरण पर रोक लगा दी गई। अब इनके नामों का फिर सत्यापन होगा। यदि मामला सही पाया गया तो न सिर्फ इनके नाम सूची से हटाए जाएंगे, बल्कि विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
जिलापूर्ति निरीक्षक ने बताया कि बुधवार को चले एक दिन के विशेष अभियान में जिले के सभी नौ विकास खंड की 36 दुकानों का निरीक्षण किया गया। इसमें जलालपुर के बीबीपुर भुसौली के कोटेदार शिवपूजन, अकबरपुर विकास खंड के सूल्हनतारा के कोटेदार शकुंतला देवी, टांडा विकास खंड के दानपुर के कोटेदार शोभाराम व सुलेमपुर के कोटेदार उदयभान की पांच-पांच हजार रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई। कारण यह है कि संबंधित दुकानों से आधार कार्ड व मैनुअल माध्यम से खाद्यान्न का वितरण किया गया था।
जिलापूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र ने बताया कि बुधवार को चले जांच अभियान में आलमपुर अखई के कोटे पर पाया गया कि यहां ज्यादातर खाद्यान्न का वितरण मैनुअल किया गया है। शासन से निर्देशित है कि मैनुअल माध्यम से खाद्यान्न का वितरण न किया जाए। तमाम दिशा निर्देश के बावजूद मैनुअल खाद्यान्न का वितरण किया गया। इस पर संबंधित कोटे को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा शिकायत पर बीते दिनों की गई जांच में भीटी विकास खंड के किछूटी कोटे को भी मैनुअल खाद्यान्न वितरण के चलते निलंबित कर दिया गया।
दो स्थानों पर नाम पाए जाने व आधार की सीडिंग में गड़बड़ी पर 29 हजार लोगों को खाद्यान्न वितरण पर रोक लगाई गई है। आधार कार्ड व मैनुअल माध्यम से खाद्यान्न वितरण के चलते दो कोटे निलंबित किए गए हैं, जबकि चार कोटेदारों की पांच-पांच हजार की जमानत राशि जब्त की गई।
- अमरजीत सिंह, प्रभारी जिलापूर्ति अधिकारी