जमुनीपुर। डाकघर सूरापुर में यदि आप पैसा जमा कर रहे हैं तो समय पर धन निकासी हो पाएगी इसकी कोई गारंटी नहीं। बदहाल इंटरनेट व्यवस्था के चलते पिछले चार माह से धन निकासी के लिए उपभोक्ता डाकघर का चक्कर काट रहे हैं। कभी इंटरनेट चल गया तो इक्का दुक्का उपभोक्ता का भुगतान हो गया, नहीं तो फिर अगले दिन चक्कर लगाने के लिए तैयार रहिए।
अगले दिन पहुंचने पर फिर वही समस्या उपभोक्ताओं के सामने रहती है। कर्मचारी भी इंटरनेट को दोष दे अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति पा लेते हैं। उपभोक्ताओं की बढ़ती समस्या के बावजूद डाकघर में किसी वैकल्पिक व्यवस्था की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी का माहौल
करीब दो दशक पहले ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय लेनदेन के लिए सबसे मुफीद माना जाने वाला डाकघर इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहा है। अकबरपुर तहसील क्षेत्र स्थित डाकघर सूूरापुर में भी इन दिनों सेवाएं पूरी तरह बेपटरी दिखती हैं। इस डाकघर के अधीन 6 उपडाकघर बरौरा, लोदीपुर, ममरेजपुर, मखदूमसराय, रामपुर मंगुराडिला व महराजगंज भी आते हैं।
इन उपडाकघरों पर तो पैसा जमा हो जाता है, लेकिन निकासी के लिए उपभोक्ताओं सूरापुर डाकघर आना पड़ता है। मौजूदा समय में सूरापुर डाकघर में करीब 5 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की संख्या है। सीबीएस खाता खुलने व कम्प्यूटरीकृत होने के बाद यहां भी सभी कार्य इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन होने लगे। पिछले करीब 4 माह से डाकघर में बीएसएनएल की लगी इंटरनेट सेवा पूरी तरह धराशायी है।
कभी कभार दो चार मिनट के लिए यदि इंटरनेट चलता भी है तो एक से दो उपभोक्ताओं का ही भुगतान संभव हो पाता है। ऐसे में उपभोक्ता पूरे दिन इंटरनेट ठीक होने का इंतजार करते हैं, और फिर मायूस होकर वापस लौट जाते हैं।
शुक्रवार को डाकघर पर मिले चंदौली निवासी परशुराम यहां की समस्या से काफी खीझ चुके हैं। उनका कहना है कि आगामी 4 जून को उनकी पुत्री की शादी है। डाकघर में उनका पैसा जमा है। भुगतान के लिए 20 दिन से अधिक समय बीत गया, लेकिन भुगतान नहीं हो सका।
जब वे पहुंचते हैं तो बताया जाता है कि सर्वर फेल है। तहिरापुर की ज्ञानमती, जमनिया के रमापति व रामपुर के निन्हकू के घर में आगामी दिनों में वैवाहिक कार्यक्रम हैं। धन निकासी के लिए यह सभी पखवारे से डाकघर का चक्कर काट रहे हैं। डाकघर मिली गोबिनपुर की आशा देवी के मुताबिक उनका घर बन रहा है। छत की ढलाई होनी है। इसके लिए 25 हजार रुपए की निकासी करनी है।
सप्ताह भर से वह डाकघर का चक्कर काट रही हैं। इस डाकघर में प्रतिदिन 100 से अधिक उपभोक्ता अपने अलग अलग कार्यों के लिए पहुंचते हैं, और उन्हें अक्सर मायूसी ही हाथ लगती है। बदहाल व्यवस्था पर उपभोक्ताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। कहा कि शासन प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। जब समय से भुगतान ही नहीं मिलेगा तो, डाकघर में पैसा जमा करने का क्या फायदा है। उधर एसपीएम आलोक कुमार का कहना है कि सर्वर की समस्या के बारे में अधिकारियों को सूचित किया गया है। जल्द ही समस्या के समाधान की उम्मीद है।