अंबेडकरनगर। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिला मुख्यालय पर बिजली संकट गहरा गया है। 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर होने के बावजूद बमुश्किल 17 घंटे की बिजली मिल पा रही है। अनियमित कटौती के साथ ही आए दिन हो रहे फॉल्ट भी बिजली आपूर्ति में बाधा बन रहे हैं।
ऐसे में कटौती के आलावा फॉल्अ होने पर भी बिजली गायब हो जाती है। गड़बड़ियों को दुरुस्त करने में बरती जाने वाली हीलाहवाली ने उपभोक्ताओं को पूरी तरह आजिज कर दिया है। शुक्रवार देर शाम से लेकर शनिवार शाम तक अलग-अलग चरणों में विभिन्न क्षेत्रों में करीब 7 से 8 घंटे बिजली नहीं रही। इसका असर सुचारु पेयजल आपूर्ति से लेकर विभिन्न घरेलू कार्यों व उद्योगधंधों पर भी पड़ा।
लगातार बढ़ते तापमान के बीच बिजली ने भी उपभोक्ताओं का साथ छोड़ दिया है। वैसे तो जिला मुख्यालय पर 24 घंटे का रोस्टर है, लेकिन उपभोक्तओं को बमुश्किल 17 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है। शुक्रवार देर शाम से लेकर शनिवार शाम तक जिला मुख्यालय के अलग अलग क्षेत्रों में विभिन्न गड़बड़ियों व अनियमित कटौती के चलते 7 से 8 घंटे बिजली की कटौती हुई। मरैला उपकेंद्र से होने वाली आपूर्ति सुबह छह बजे करीब ठप पड़ गई। करीब दो घंटे बाद आपूर्ति शुरू हो सकी।
इससे पहले शुक्रवार रात भी ढाई घंटे तक अलग अलग चरण में आपूर्ति प्रभावित हुई थी। शनिवार पूर्वाह्न से लेकर अपराह्न तक भी कटौती व व्यवधान का दौर चलता रहा। नगर के मीरानपुर, शास्त्रीनगर, इंद्रलोक कालोनी, तथा रेलवे स्टेशन क्षेत्र आदि में भी यही हाल रहा। दो क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर जल जाने के चलते भी आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि अन्य क्षेत्रों में तार टूटने से लेकर उपकेंद्र में आई तकनीकी दिक्कत के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई थी। नतीजा यह रहा कि भीषण गर्मी में संबंधित क्षेत्र के लोगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अनियमित विद्युत कटौती से सुचारु पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। नागरिकों को पेयजल के पानी के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा सुचारु बिजली न मिलने से उद्योगधंधों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
अकबरपुर नगर के अनुराग श्रीवास्तव व सुशील कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मी शुरू होने से पहले सुचारु बिजली उपलब्ध कराने का दावा पावर कारपोरेशन ने बढ़ चढ़कर किया था, लेकिन गर्मी का दौर शुरू होते ही उसका दावा धरा का धरा ही रह गया। रोस्टर के अनुसार बिजली ही नहीं मिल पा रही है। कभी तार टूट जाता है, तो खंभा क्षतिग्रस्त हो जाता है।
शहजादपुर के राकेश कुमार व मेवालाल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बदतर विद्युत आपूर्ति का प्रतिकूल प्रभाव व्यवसाय पर पड़ रहा है। पावरलूम संचालक मोहम्मद इस्माइल ने कहा कि रोस्टर के अनुसार बिजली न मिलने से पावरलूम सुचारु रूप से नहीं चल रहा। इससे कपड़ा उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सुचारु बिजली उपलब्ध हो सके, इसके लिए जिम्मेदार लोगों को ठोस कदम उठाना होगा।
उपभोक्ताओं को समुचित विद्युत आपूर्ति हो, इसे लेकर लागतार बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। चुनाव में व्यवस्तता अब समाप्त हो चुकी है। जल्द ही तारों को दुरुस्त करने तथा ट्रांसफार्मरों को बदलवाने आदि का अभियान शुरू होगा।
- वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत