अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर पालिका परिषद प्रशासन की लापरवाही ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले नगर में जहां-तहां सड़क की पटरियां दोनों तरफ उखाड़ दी गईं थीं। कई जगह-जगह निर्माण सामग्री का ढेर लगा दिया गया था। हालांकि, निर्माण की सुध अब तक नहीं ली गई है। नतीजा यह है कि इस वजह से हर दिन जाम लगता है। इन ढेरों की वजह से हादसे भी होते हैं।
अकबरपुर नगर पालिका परिषद प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य शुरू कराया था। सबसे पहले फव्वारा तिराहे से लेकर चौक व रामजानकी मंदिर क्षेत्र होते हुए पूर्वी नाका तक पिच निर्माण कार्य कराना शामिल था। इसमें तय हुआ कि मुख्य पिच मार्ग के दोनों तरफ की पटरियों से इंटरलॉकिंग ईंट उखाड़कर नालियों तक पिच मार्ग की चौड़ाई बढ़ा दी जाएगी।
पालिका प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत भी हुआ। चुनाव की घोषणा होने के पहले काम शुरू करा दिया गया, लेकिन इसे पूरा कराने की सुध नहीं ली जा रही है। सड़क के दोनों तरफ की पटरियां उखाड़ देने से अब सिर्फ मुख्य मार्ग से ही आवागमन संभव रह गया है।
काफी दिन तक तो दोनों तरफ की पटरियों पर गड्ढे रहे। बाद में इनमें पत्थर डालकर छोड़ दिया गया। मनमानी की हद यह कि जहां-तहां ठेकेदारों ने निर्माण सामग्री भी गिरवा रखी हैं। इससे आवागमन में और ज्यादा दिक्कत हो रही है।
नागरिकों ने कई बार पालिका प्रशासन से अनुरोध किया कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा। हालत यह है कि एक दिन काम होता है तो तीन से चार दिन तक ठप पड़ा रहता है। शहर के बीच का इलाका होने के कारण कभी-कभार रात में चार से पांच घंटे काम करने के बाद फिर काम की सुध नहीं ली जाती है।
बीते दो माह में बमुश्किल इस क्षेत्र में चार से पांच दिन सड़क निर्माण का कार्य हुआ। पालिका प्रशासन की इस लापरवाही का खामियाजा हर दिन लोगों को उठाना पड़ रहा है।
मार्ग निर्माण में शिथिलता व मनमानी के बीच कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि बीते दो माह में जो थोड़ी-बहुत दूरी तक पिच निर्माण हुआ भी। वह अत्यंत घटिया तरीके से कराया गया है। नाम न छापने की शर्त पर नागरिकों ने कहा कि इस तरह के घटिया निर्माण की उम्मीद नहीं थी। यह तो सिर्फ सरकारी पैसे का दुरुपयोग है।
मार्ग निर्माण में कुछ व्यवधान हुआ है, मजदूर मिलने में दिक्कत आ रही है। ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द काम पूरा कराया जाए। काम की गुणवत्ता के साथ कोई मनमानी स्वीकार नहीं होगी।
- सरिता गुप्ता, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद