अंबेडकरनगर। जिले के 1 हजार 752 बूथों पर रविवार को अभियान चलाकर पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। अभियान को सफल बनाने के लिए 4 हजार 625 कर्मचारियों को लगाया गया था। इसके अलावा 760 एनजीओ भी पूरी तरह सक्रिय रहे। अभियान का शुभारंभ सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने सीएचसी कटेहरी में पांच वर्ष तक के बच्चे को पोलियो की खुराक देकर की। आमजन से आह्वान किया कि पोलियो को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रशासन का सहयोग करें। न सिर्फ अपने बच्चों को पोलियो की खुराक दें, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें।
सीएमओ ने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि पोलियो एक जानलेवा बीमारी है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। जब तक सभी का सहयोग नहीं होगा, तब तक कोई भी अभियान को सफलता नहीं मिल सकती। आमजन से आह्वान किया कि न सिर्फ वे खुद अपने बच्चों को निकटवर्ती पोलियो बूथों पर पहुंचकर पोलियो की खुराक दें, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। डॉ. एसबी सिंह, आरती यादव, डॉ. सालिकराम पासवान, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. हेमंत कुमार आदि मौजूद रहे। उधर प्राथमिक विद्यालय अफजलपुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्री साधाना मिश्रा, मंजू यादव व सुंदरा देवी ने बच्चों को पोलियो की खुराक दी।
सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक हनुमान प्रसाद ने बताया कि 1752 बूथों पर 3 लाख 16 हजार 330 बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य था। अभियान को सफल बनाने के लिए ट्रांजिट टीम 63, मोबाइल टीम 17, स्वास्थ्य कर्मचारी 334, शिक्षा विभाग के 812 कर्मचारी, आईसीडीएस 1358 व आशा बहुएं 2 हजार 41 को लगाया गया था। इसके अलावा अभियान को सफल बनाने में 766 एनजीओ ने भी अपना सहयोग दिया। बताया कि मोबाइल टीमों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन समेत प्रमुख चौराहा व सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की खुराक दी।
आज से चलेगा घर-घर अभियान
सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक हनुमान प्रसाद ने बताया कि रविवार को चले अभियान में जो बच्चे छूट गए हैं, उन्हें 8 से 12 अप्रैल तक चलने वाले घर घर अभियान के दौरान बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। घर घर चलने वाले अभियान को सफल बनाने के लिए कुल 689 टीमों का गठन किया गया है। इसमें 279 स्वास्थ्य कर्मचारी, 745 आईसीडीएस व 1 हजार 43 आशा बहुओं को लगाया गया है। यह टीमें न सिर्फ घर घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी, बल्कि 410 ईंट भट्ठों पर भी अभियान चलाकर पोलियो की खुराक दी जाएगी।