अंबेडकरनगर। आगामी पहली अप्रैल से प्रारंभ हो रहे गेहूं की सुचारु खरीद में भंडारण समस्या बड़ी बाधा बनेगी। दरअसल जिले में मात्र 6200 एमटी भंडारण क्षमता वाले दो सरकारी गोदाम हैं, जिनमें सीएमआर का चावल भंडारित है। गेहूं के भंडारण के लिए जिन चार निजी गोदामों को अधिग्रहीत किया गया है, उनकी क्षमता मात्र 21 हजार एमटी ही है। ऐसा तब है, जबकि गेहूं खरीद का लक्ष्य विगत वर्ष के सापेक्ष साढ़े 13 हजार एमटी अधिक है। ऐसे में गेहूं की सुचारु खरीद किस प्रकार हो सकेगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
आगामी पहली अप्रैल से गेहूं खरीद का कार्य प्रारंभ हो रहा है। इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 6 एजेंसियों के 97 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसानों को गेहूं बिक्री में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए खाद्य एवं विपणन विभाग के साथ ही एजेंसियों के अधिकारियों व कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के दिशा-निर्देश जिला प्रशासन ने जारी किए हैं। खाद्य एवं विपणन विभाग सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर लेने का दावा तो कर रहा, लेकिन जिले में भंडारण की समुचित व्यवस्था न होना सुचारु खरीद में बड़ी चुनौती का सामना आगामी दिनों में विभाग को करना पड़ेगा।
दरअसल जिले में भंडारण के लिए मात्र 2 सरकारी गोदाम हैं, जिनकी क्षमता 6200 मीट्रिक टन है। इसमें टांडा नगर स्थित राज्य भंडारण निगम की 4200 एमटी, जबकि टांडा तहसील अंतर्गत ही बेलांगर में 2 हजार एमटी क्षमता का गोदाम है। मौजूदा समय में इन दोनों गोदामों में सीएमआर का चावल भंडारित है। गेहूं खरीद के दौरान भंडारण में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए बीते दिनों जिलाधिकारी सुरेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में चार निजी गोदामों को अधिग्रहीत किया गया।
खाद्य एवं विपणन विभाग के वरिष्ठ लिपिक शैलेंद्र कुमार के अनुसार अकबरपुर अयोध्या मार्ग स्थित सूर्या गोदाम में 16 हजार एमटी, मंडी समिति के दो चबूतरों पर 3 हजार एमटी, टांडा नगर के पाकीजा व सेवा राइस मिल में 1-1 एमटी भंडारण वाले गोदाम का अधिग्रहण किया गया है। इस प्रकार इन चारों गोदामों में मात्र 21 हजार एमटी गेहूं का ही भंडारण किया जा सकता है। बताते चलें कि इस बार जिले को विगत वर्ष के सापेक्ष लगभग साढ़े 13 हजार एमटी अधिक गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। विगत वर्ष 58 हजार 10 एमटी का लक्ष्य था, जबकि इस बार बढ़ाकर इसे 71 हजार 500 एमटी कर दिया गया है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगामी दिनों में भण्डारण की बड़ी चुनौती का सामना खाद्य विभाग को भुगतना पड़ेगा।
शाहगंज गोदाम से चल रही वार्ता
जिले में भंडारण की समस्या जरूर है, लेकिन इसका प्रभाव खरीद पर नहीं पडने दिया जाएगा। 4 निजी गोदामों का अधिग्रहण किया गया है, जिनकी क्षमता 21 हजार एमटी है। शेष के लिए शाहगंज गोदाम से वार्ता की जा रही है। -अजित प्रताप सिंह, खाद्य एवं विपणन अधिकारी