अंबेडकरनगर। आग की घटना पर काबू पाने की जिम्मेदारी निभाने वाले अग्निशमन केंद्रों पर स्टाफ व संसाधनों का टोटा पड़ा हुआ है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अग्निशमन अधिकारी के सृजित 4 पद के सापेक्ष मात्र 1 पर ही तैनाती है। वह भी बीते तीन माह से मेडिकल अवकाश पर चल रहे हैं। द्वितीय अग्निशमन अधिकारी के 4 व फायर मैन के 45 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। और तो और भीटी तहसील में अब तक अग्निशमन केंद्र को अपना भवन नसीब नहीं हो सका है। उसे भीटी थाने से संचालित किया जा रहा है। ऐसे में भीषण गर्मी में आग की घटनाओं पर काबू पाने की बड़ी चुनौती अग्निशमन विभाग के समक्ष होगी।
अग्निशमन विभाग में लंबे समय से न सिर्फ संसाधनों का टोटा है, बल्कि सृजित पद के सापेक्ष तैनाती भी नहीं की जा सकी है। इससे अक्सर आग की घटनाओं पर काबू पाने में सीमित संसाधन के बीच कर्मचारियों के समक्ष असहज स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भीटी तहसील में अब तक अग्निशमन केंद्र को अपना भवन नहीं मिल सका है। उसका संचालन भीटी थाने से किया जाता है। इसके चलते अक्सर तहसील क्षेत्र में आग लगने पर अकबरपुर फायर स्टेशन से कर्मचारियों को जाना पड़ता है। स्टाफ की कमी भी लंबे समय से बनी है।
हेडकांस्टेबल ने बताया कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी का 1 पद सृजित है, जिस पर प्रदीप कुमार चौबे की तैनाती है। अग्निशमन अधिकारी के 4 पद सृजित हैं। 3 पद रिक्त पड़े हैं। जिस 1 पर तैनाती है, वह गत तीन माह से मेडिकल अवकाश पर हैं। द्वितीय अग्निशमन अधिकारी के 5 पद के सापेक्ष 4 पद रिक्त हैं। जो एक तैनात हैं, वह 31 मई 2019 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हेड कांस्टेबल के सभी 9 पदों पर तैनाती है। चालक के 9 पद के सापेक्ष 7 पर तैनाती है, तो फायर मैन के 69 पद के सापेक्ष मात्र 24 पर ही तैनाती है। 45 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं।
आग से राख हुई थी साढ़े 3 करोड़ की संपत्ति
अग्निशमन कार्यालय के अनुसार विगत वर्ष जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 732 आग की घटनाएं हुई थीं। इसमें 300 बीघा फसल व 150 घर जलकर राख हुए थे। 20 मवेशी की भी जलकर मौत हुई थी। इससे लगभग 3 करोड़ 45 लाख 7 हजार 500 रुपये की संपत्ति को नुकसान हुआ था। सीमित संसाधन के बावजूद 5 करोड़ 59 लाख 1 हजार 500 रुपये की संपत्ति को आग से बचाया गया था।
इन नंबरों पर दें आग की जानकारी
हेडकांस्टेबल जयमूर्ति ने बताया कि यदि कहीं आग लगती है, तो इसकी जानकारी 100, 101, 05271-244444, 9451460633 पर दी जा सकती है।
आड़े नहीं आता सीमित संसाधन
स्टाफ व संसाधन की कमी जरूर है, लेकिन इसके बावजूद यदि कहीं आग लगती है, तो तत्परतापूर्वक कर्मचारी आग पर काबू पाते हैं। रिक्त चल रहे पदों पर तैनाती के लिए शासन को अवगत कराया गया है। - प्रदीप कुमार चौबे, मुख्य अग्निशमन अधिकारी