भीटी (अंबेडकरनगर)। बनगांव निवासी पूर्व कोटेदार ने रविवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर पुलिस ने शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के समय पत्नी अपनी सभी 6 पुत्रियों के साथ मायके गई हुई थी, जबकि पिता रिश्तेदारी में गए थे। परिवारीजनों के अनुसार, लगभग 4 वर्ष पूर्व कोटा निरस्त होने के चलते वह बीते कुछ समय से काफी परेशान चल रहा था। इसी के चलते उसने फांसी लगाकर जान दे दी।
भीटी थाना अंतर्गत बनगांव निवासी योगेश कुमार (42) का शव सोमवार उसके कच्चे घर में विद्युत केबिल के सहारे बड़ेर से लटका मिला। बताया जाता है कि योगेश पुत्र परतोषी सोमवार सुबह जब प्रतिदिन की तरह गांव के बाहर स्थित एक चाय की दुकान नहीं पहुंचा, तो उसके साथ यहां मौजूद रहने वाले लोगों को चिंता होने लगी। वे सभी उसके घर पहुंचे। चैनल खुला हुआ था। कई आवाज देने पर भी जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो वे सभी अंदर गए। वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए।
योगेश का शव विद्युत केबिल के सहारे बड़ेर से लटका हुआ था। देखते ही देखते इर्दगिर्द के लोग भी घटनास्थल पर एकत्र हो गए। इस बीच सूचना मिलने पर रिश्तेदारी में गए पिता परतोषी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। साथ ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जाता है कि योगेश की पत्नी होली पर्व से पहले 6 पुत्रियों के साथ सुल्तानपुर जनपद के कूड़ेभार थाना अंतर्गत कोरई गांव मायके गई हुई थी। रविवार देर शाम पिता परतोषी भी रिश्तेदारी में गया हुआ था। योगेश घर में अकेला था।
कोटा निरस्त होने से था परेशान
पोस्टमार्टम हाउस पर मिले पिता परतोषी व जीजा तेज बहादुर ने बताया कि लगभग 4 वर्ष पूर्व कोटा निरस्त हो गया था। योगेश के 6 पुत्रियां हैं। कोटा निरस्त होने से वह काफी परेशान चल रहा था। इन्हीं सब के बीच उसने आर्थिक दिक्कतों के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मामले में की जा रही जांच
शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। मौके की परिस्थितियों के अनुसार यह आत्महत्या का मामला है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिससे मौत के कारणों की सही जानकारी हो सके। - वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीओ भीटी