अंबेडकरनगर। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर समान कार्य, समान वेतन दिए जाने समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर मूल्यांकन का बहिष्कार के चलते शुक्रवार को पहले दिन यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य नहीं हो पाया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता, तब तक मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रहेगा।
गौरतलब है कि 8 मार्च से जिला मुख्यालय स्थित दो केंद्रों बीएन इंटर कॉलेज व डॉ. गणेशकृष्ण जेतली इंटर कॉलेज में मूल्यांकन का कार्य होना था। बीएन इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट, जबकि डॉ. गणेशकृष्ष्ण जेतली इंटर कॉलेज में हाईस्कूल उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना है।
मूल्यांकन कार्य सुचारु रूप से शुरू हो सके, इसके लिए सुबह ही एसडीएम सदर अभिषेक पाठक व सीओ सदर धर्मेंद्र सचान बीएन इंटर कॉलेज पहुंच गए। सुबह 10 बजे मूल्यांकन के लिए दो-तीन परीक्षक ही मौके पर पहुंचे। वे मूल्यांकन कार्य शुरू ही करने वाले थे कि इसी बीच माध्यमिक शिक्षक संघ के शिक्षक नारेबाजी करते हुए वहां पहुंच गए। शिक्षकों के हंगामे के चलते मूल्यांकन का कार्य रोकना पड़ा।
इस दौरान शिक्षकों को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि समान कार्य, समान वेतन दिए जाने, पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों का विनियमतीकरण किए जाने, कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिलाए जाने, एलटी ग्रेड के शिक्षकों को राजकीय शिक्षकों की तरह सीटी ग्रेड की सुविधा दिए जाने, माध्यमिक व्यवसायिक व कम्प्यूटर अनुदेशकों को शिक्षक पद पर समायोजित किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसके चलते ही मूल्यांकन का बहिष्कार करने को मजबूर होना पड़ा।
वक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रहेगा। इस दौरान रामलखन वर्मा, अखिलेश प्रताप सिंह, विवेकानंद त्रिपाठी, अविनाश सिंह, प्रदीप कुमार पाण्डेय आदि मौजूद रहे। शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन के चलते दोनों केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य नहीं हो पाया।
नहीं जांची जा सकीं कॉपियां
मूल्यांकन हो सके, इसके लिए जरूरी प्रबंध किए गए थे। शिक्षकों के बहिष्कार के चलते ऐसा नहीं हो पाया। प्रयास है कि शनिवार से मूल्यांकन कार्य सुचारु ढंग से शुरू हो सके। -विनोद सिंह, डीआईओएस