अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में 1628 पात्रों का पंजीयन मंगलवार तक पूरा कर लिया गया। लगभग 600 जन सुविधा केंद्रों पर पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है, जहां कोई भी कामगार अपना पंजीयन करा सकता है। इस बीच मंगलवार को ही गुजरात से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से योजना की शुरूआत का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जुटे संविदा कर्मियों व आम लोगों ने देखा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित सांसद हरिओम पांडेय ने पांच कामगारों को योजना का कार्ड सौंपा।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के शुभारंभ का सजीव प्रसारण मंगलवार को कलेक्ट्रेट में सांसद हरिओम पांडेय, डीएम सुरेश कुमार, सीडीओ अनूप श्रीवास्तव, पूर्व विधायक त्रिवेणीराम, भाजपा नेता रमाशंकर सिंह व यमुना चतुर्वेदी की मौजूदगी में देखा गया। कार्यक्रम में मौजूद संविदा कर्मचारियों व आम लोगों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से योजना का स्वागत किया।
डीएम सुरेश कुमार ने सांसद का स्वागत करने के बाद बताया कि सभी कामगारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए सभी जन सुविधा केंद्रों पर पंजीयन कराया जा रहा है। 1628 पात्रों का पंजीकरण हो चुका है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले, इसलिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भी विशेष कैंप लगाकर पंजीयन होता रहा।
मुख्य अतिथि सांसद हरिओम पांडेय ने पांच पात्रों को योजना का कार्ड सौंपा। इसमें दो महिला होमगार्ड भी शामिल थीं। सांसद ने कहा कि पहली बार देश में इस तरह की योजना शुरू की गई है, जिसमें संविदाकर्मी के साथ ही काम करने वाले आम लोगों के लिए भी वृद्धावस्था में पेंशन का प्रबंध है। इस मौके पर सीएमओ अशोक कुमार, बीएसए अतुल सिंह व जिला सूचना अधिकारी जेपी सिंह आदि मौजूद रहे।
यह हैं पात्रता की शर्तें
श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार 18 से 40 वर्ष उम्र तक का व्यक्ति ही योजना के लिए आवेदन कर सकता है। इसमें 15 हजार से कम मासिक आय वाला संविदा व मानदेय कर्मी भी आवेदन के लिए पात्र है। ठेला चालक, ऑटो रिक्शा चालक, सभी प्रकार के श्रमिक, छोटे दुकानदार आदि इसमें आवेदन कर सकते हैं। न्यूनतम 55 रुपये प्रति माह का अंशदान आवेदकों को करना है। यह अंशदान उम्र के हिसाब से अलग-अलग है। 60 वर्ष तक की आयु तक नियमित अंशदान करते रहने के बाद प्रतिमाह तीन हजार रुपये की पेंशन सरकार की तरफ से पात्र को मिलेगी।
वर्जन
ज्यादा से ज्यादा लोग उठाएं लाभ
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के लिए लगभग 600 जनसुविधा केंद्रों पर पंजीयन कराया जा रहा है। इसका लगातार प्रचार-प्रसार भी हो रहा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
- हरिलाल भार्गव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी