पुलवामा हमले को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा, फूंका पाक का झंडा
अंबेडकरनगर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए प्राणघाती हमले के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं समेत विभिन्न संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा। अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर घटना का विरोध जताया, और मौन रखने के बाद अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। इसके अलावा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय से लेकर तहसील मुख्यालयों तक पाकिस्तान का झंडा जलाकर अपना विरोध जताया। कहा कि जवानों पर जिस तरह से कायराना हमला किया गया है, वह अत्यंत निंदनीय है। सरकार को बाहरी शत्रुओं के साथ ही देश के अंदर पल रहे देशद्रोहियों के विरुद्घ सख्त कार्रवाई करनी होगी। ऐसे शत्रुओं से निपटने के लिए सेना को खुले मन से पूरी छूट देनी होगी।
पुलवामा में हुए हमले के विरोध में अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय में न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय शुक्रवार सुबह लिया। अधिवक्ताओं ने बैठक में कहा कि इस तरह का हमला कतई बर्दाश्त नहीं होगा। अधिवक्ताओं ने यहां से अध्यक्ष त्रिभुवननाथ पांडेय, सचिव मोहनलाल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर प्रतिमा के निकट तक पदमार्च किया। वहां पहुंचकर अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखा।
अधिवक्ताओं ने इसके बाद केन्द्र सरकार से मांग किया कि हमले के दोषियों का पता लगाकर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए। कहा कि यह हमला देश के मान सम्मान पर हुआ हमला है। इसका मुंह तोड़ जवाब देना होगा। बाद में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम गिरिजेश त्यागी को सौंपा। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता ताराकांत त्रिपाठी, नरसिंह नारायण सिंह, विनोद श्रीवास्तव, पवन यादव, इंद्रमणि शुक्ल, विशाल सिंह व अंकित सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
विश्व हिंदू महासंघ जिलाध्यक्ष रामसिंगार गौतम की अगुवाई में हिंदू युवा वाहिनी, शिवसेना समेत कई संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने प्रदर्शन किया। कहा कि बर्दाश्त की इंतेहां हो गई है। सरकार को अब निंदा करने की बजाए एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राईक जैसे से कठोर निर्णय लेने की जरूरत है। 40 से अधिक शहीद हुए सैनिकों के इस बलिदान को देश कभी भूल नहीं सकता। समूचे देश में इस घटना को लेकर खासा आक्रोश व गम का माहौल है। सरकार को देश के आवाम की भावना को समझते हुए इसका कठोर जवाब देना होगा।
हिंदू युवा वाहिनी जिला संयोजक अखंड प्रताप सिंह ने भी पुलवामा घटना की निंदा की। कहा कि सरकार को इसका जवाब देना होगा। आतंकवादियों के सरपरस्त पाकिस्तान को बहिष्कृत करने की जरूरत है। ऐसे देश से कोई संबंद्घ न रखा जाए जिससे हमारी सेना व आवाम को खतरा है। कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान का झंडा फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर शिवसेना जिला प्रमुख नंदकुमार राना, बृजेश उपाध्याय, राकेश, लालबहादुर, धनंजय यादव, मदनलाल, लालता प्रसाद, रवीन्द्र कुमार, आशुतोष मिश्र व सौरभ सोनी आदि मौजूद रहे।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बाबा बरुआदास पीजी कॉलेज परुइया आश्रम के गेट पर आतंकवाद व पाकिस्तान का पुतला फूंका। साकेत विभाग के सहसंयोजक मार्तंड प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द सभी जरूरी कार्रवाई करनी होगी। ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने सभी शहीदों के निधन पर दो मिनट का शोक भी रखा।
प्रदर्शन में अतुल सोनी, वीरेंद्र अग्रहरि, शुभम तिवारी, बृजेश चौहान, शुभम उपाध्याय, अविनाश एवं विकास मौजूद रहे। जीपीएलडी पब्लिक स्कूल सेमरा रफीगंज में प्रबंधक दीपनरायण मिश्र के नेतृत्व में शोकसभा हुई। इसमें शिक्षक, छात्र-छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्माशांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस मौके पर प्रधानाचार्य हीरालाल गौड़, श्याम शुक्ल, अनुराग पांडेय, मोहम्मद अशरफ व मो. जैद आदि मौजूद रहे। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार, बजरंग दल जिला संयोजक आलोक चौरसिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कोमल यादव को सौंपा। इसमें पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग की गई। ज्ञापन पर श्याममोहन, सतीश मोदनवाल, राकेश सोनकर व दीपक उपाध्याय के हस्ताक्षर मौजूद रहे।