दो मॉडल स्कूलों का निर्माण अधर में
अंबेडकरनगर। निर्धारित सीमा से 5 वर्ष अधिक का समय गुजर गया, लेकिन अब तक रामनगर व इधना में मॉडल स्कूल का निर्माण कार्य नहीं पूर्ण हो सका। वर्ष 2011-12 में 2 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से केंद्र पुरोनिधानित योजना के तहत रामनगर व भियांव ब्लॉक के इधना में पंडित दीनदयाल उच्चतर राजकीय मॉडल स्कूल के निर्माण कार्य में कार्यदायी संस्था पैक्सफेड व सी एंड डीएस की लापरवाही के चलते उसका लाभ क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है।
बेहतर शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को इधर उधर न भटकना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने केंद्र पुरोनिर्धारित योजना के तहत रामनगर व भियांव ब्लॉक के इधना में पंडित दीनदयाल उच्चतर राजकीय मॉडल स्कूल के निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी। 2 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक विद्यालयों का निर्माण कार्य वर्ष 2014 तक पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया गया।
साथ ही निर्देशित किया गया कि जुलाई 2014 से संबंधित विद्यालयों में शिक्षण कार्य भी प्रारंभ कर दिया जाए। रामनगर में विद्यालय के निर्माण की जिम्मेदारी पैक्सफेड व इधना में निर्माण की जिम्मेदारी सी एंड डीएस को सौंपी गई। निर्माण में आर्थिक बाधा न उत्पन्न हो, इसके लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को धन भी उपलब्ध करा दिया गया।
निर्माण को लेकर कार्यदायी संस्था की लापरवाही शुरुआत से ही उजागर होने लगी। धन होने के बाद भी निर्माण कार्य कभी गति नहीं पकड़ सका। इसी का नतीजा रहा कि निर्धारित सीमा से पांच वर्ष बाद तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक एसके सिंह ने बताया कि रामनगर में 88 प्रतिशत, जबकि इधना में 77 प्रतिशत ही निर्माण कार्य हो सका है।
उधर निर्माण कार्य पूर्ण न होने से मॉडल विद्यालय में शिक्षा हासिल करने का सपना छात्र-छात्राओं का चकनाचूर हो रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण हो और शिक्षण कार्य प्रारंभ हो सके, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
दिए गए हैं दिशा-निर्देश
निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश संबंधित कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर दिया गया है। शीघ्र ही दोनों विद्यालयों के निर्माण का जायजा लिया जाएगा। -इंद्रजीत यादव, जिला समन्वयक राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान