60 हजार पावरलूम संचालकों को रियायती दर पर मिलेगी बिजली
अंबेडकरनगर। रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार के बजट में डेढ़ सौ करोड़ रुपये का प्राविधान होने का लाभ जिले के लगभग 60 हजार पावरलूम संचालकों को मिलना तय माना जा रहा है। बुनकर नेताओं व पावरलूम संचालकों ने कहा कि बुनकर उद्योग को राहत देने के सभी इंतजाम तेजी से करने होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। इसका लाभ सभी पावरलूम संचालकों को मिलेगा। इससे जिले में वस्त्र उद्योग को और मजबूती मिल सकेगी।
वस्त्र उद्योग के लिए प्रसिद्ध अंबेडकरनगर जनपद के बुनकरों के लिए राज्य सरकार का बजट गुरुवार को खुशखबरी लेकर आया। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने बुनकरों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपये के विशेष बजट का प्राविधान किया है। जिले में कुल लगभग 60 हजार पावरलूम संचालक हैं। लगभग सवा लाख पावरलूम इनके माध्यम से चल रहे हैं। टांडा, अकबरपुर, जलालपुर, इल्तिफातगंज, हीरापुर, हंसवर, न्यौरी, बसखारी व किछौछा आदि क्षेत्रों में पावरलूम स्थापित हैं।
इन पावरलूमों के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख बुनकर जुड़े हुए हैं। लगभग दो दशक पहले तक जिले का वस्त्र उद्योग काफी मजबूत स्थिति में था, लेकिन कच्चे माल के संकट, तैयार उत्पाद की बिक्री तथा विद्युत संकट के साथ ही विद्युत दरों को लेकर उत्पन्न होने वाले गतिरोध से यह उद्योग लगातार दम तोड़ रहा। बीच बीच में इसे संकट से उबारने के प्रयास जरूर होते हैं, लेकिन कोई ठोस कार्य योजना सामने नहीं आ पाई। बीते दिनों उम्मीद की नई किरण तब जगी थी, जब सरकार ने एक जनपद, एक उत्पाद योजना में जिले के वस्त्र उद्योग को शामिल किया था।
अब गुरुवार को सामने आए बजट में बुनकर उद्योग के लिए रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए विशेष बजट के प्राविधान ने 60 हजार पावरलूम संचालकों के चेहरे पर खुशी बिखेर दी है। टांडा निवासी बुनकर एकता विकास समिति अध्यक्ष मोहम्मद कासिम अंसारी ने कहा कि सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। इससे बुनकर उद्योग को संजीवनी प्राप्त होगी। बुनकर सेंट्रल वीवर्स सोसाइटी जलालपुर के अध्यक्ष अली हसन ने सरकार के फैसले को दूरगामी परिणाम वाला बताया। कहा कि बुनकर उद्योग के लिए आने वाले समय में इसी तरह विशेष पैकेज देने से यह उद्योग फिर से जिले में नई ऊंचाई प्राप्त करेगा।
बुनकर नेता निसार अहमद व मसूद अहमद ने भी 150 करोड़ रुपये के प्राविधान की खुलकर सराहना की। कहा कि बुनकर उद्योग को बिजली संकट से पूरी तरह निजात दिलाना होगा। कच्चे माल की उपलब्धता और आसान बनानी होगी। उधर आल इंडिया बुनकर फेडरेशन अध्यक्ष नदीम अंसारी ने कहा कि बुनकरों को रियायती दर पर बिजली नहीं चाहिए। इससे बुनकरों का शोषण बढ़ेगा। फ्लैट दर पर बिजली देने के साथ ही बुनकर बाहुल्य क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली देने की घोषणा होनी चाहिए थी।