अंबेडकरनगर। सपा प्रदेश सचिव व पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय ने एनटीपीसी विस्तारीकरण के लिए किसानों की अधिग्रहीत भूमि का भुगतान अविलंब किए जाने की मांग की है। इस आशय का पत्र भी उन्होंने राज्यपाल को भेजा। कहा कि किसानों के हितों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है।
मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रेस से मुखातिब प्रदेश सचिव ने कहा कि सलाहपुर रज्जौर, हासिमपुर, हुसनेपुर सुधाना व कलवरिया समेत दर्जनों गांवों के 2438 किसानों की भूमि अधिग्रहीत कर एनटीपीसी टांडा का निर्माण हुआ। इनमें से सिर्फ 1230 किसानों को ही भूमि का मुआवजा मिल सका है।
इसके अलावा 154 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने एनटीपीसी के हक में अपनी जमीन बेच दी और कब्जा भी मुहैया करा दिया। इसके बावजूद उनका पैसा नही मिल पा रहा। इसके चलते किसानों का परिवार व्यापक आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। अब उनकी देखरेख को न तो एनटीपीसी आगे आ रहा और न ही प्रशासन।
रेल पटरी के विस्तार के लिए बीते दिनों मात्र तीन दिन की नोटिस देकर 15 किसानों का घर बुलडोजर से गिरवा दिया गया। इससे उनके खाने पीने का सामान अनाज व वस्त्र सब मकान के मलबे में दब गया। बाद में डीएम के निर्देश पर एनटीपीसी प्रशासन ने ऐसे लोगों के लिए एक बाग में टेंट लगवाकर एक सप्ताह तक खाना पानी मुहैया करवाया। इसके बाद उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर कर दिया।
राज्यपाल को भेजे पत्र में इन तथ्यों से अवगत कराने के साथ ही जिलाधिकारी को भी पत्र के माध्यम से किसानों की समस्या बताई गई। पूर्व विधायक ने शासन प्रशासन से मांग किया कि सक्षम अधिकारी से सर्वे कराकर राष्ट्रीय पुनर्वास तथा पुर्नस्थापना के नए नियमों के तहत उन्हें मकान के लिए प्लाट उपलब्ध कराना अथवा जो किसान पैसा चाहते हैं, उनको एकमुश्त भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाए। ऐसा न होने पर समाजवादी पार्टी एनटीपीसी टांडा के समक्ष धरने को विवश होगी।