अंबेडकरनगर। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जिले में 97 हजार 89 शौचालयों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने शौचालय निर्माण का यह नया लक्ष्य जिले को दिया है। जिला पंचायतराज कार्यालय ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर 30 नवंबर तक पात्रों की सूची कार्यालय को उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि बीते दिनों शासन ने जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय से ऐसे पात्रों की सूची उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया था, जिनके घर शौचालय नहीं है। स्थलीय सर्वे के बाद विभाग ने शासन को ऐसे 1 लाख 68 हजार पात्रों की सूची शासन को भेज दी। इस बीच केंद्र सरकार ने निर्णय लिया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मकान संख्या के आधार पर ही पात्रों का चयन कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाएगा। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को नई नीति से अवगत कराते हुए शौचालय निर्माण का लक्ष्य दिया।
राज्य सरकार ने केंद्र से मिली गाइडलाइन के आधार पर अंबेडकरनगर जनपद को 97 हजार 89 शौचालय निर्माण का लक्ष्य देते हुए पात्रों की सूची उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया, जिससे धन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके। शासन से पत्र मिलने के बाद गत दिवस पंचायतीराज अधिकारी ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र सरकार की नई नीति के अनुसार पात्रों का चयन कर 30 नवंबर तक सूची उपलब्ध करा दें, जिससे उसे 2 दिसंबर तक शासन को भेज दिया जाए। लिपिक राजेश तिवारी ने बताया कि सभी विकास खण्डों से सूची प्राप्त होने के बाद उसे शासन को उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिससे शौचालय निर्माण के लिए धन प्राप्त हो सके।
ग्राम प्रधानों ने जताई नाराजगी
नाम न छापने की शर्त पर अकबरपुर विकास खंड के ग्राम प्रधान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक तरफ ग्राम पंचायत को ओडीएफ करने के लिए कहा जाता है, उस पर से अब संख्या कम कर दी गई है। कहा कि ग्राम पंचायत में 164 पात्रों की सूची भेजी गई थी। नई नीति के तहत 56 पात्रों को ही शामिल किया जा रहा है। ऐसे में ग्राम पंचायत किस प्रकार से ओडीएफ हो सकेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कटेहरी विकास खंड के ग्राम प्रधान ने कहा कि जो सूची दी गई थी, नई नीति के तहत उसे आधा कर दिया गया है।
बीडीओ से मांगी गई सूची
शासन के निर्देशानुसार जिले को 97 हजार 89 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। नई नीति के अनुसार सभी विकास खंड अधिकारियों से सूची मांग गई है। सूची मिलते ही उसे शासन को भेज दी जाएगी। -रामअशीष चौधरी, डीपीआरओ