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कोटा बहाली से नाराज ग्रामीणों ने पूर्ति निरीक्षक के वाहन को घेरा

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आलापुर। निलंबित कोटा बहाल किए जाने से नाराज आमादरवेशपुर के ग्रामीणों ने मंगलवार को आलापुर तहसील पहुंचकर जमकर हंगामा किया। पूर्ति निरीक्षक के वाहन को घेर लिया। हंगामा करने के साथ ही पूर्ति निरीक्षक को वाहन से बाहर खींच लिया। अभद्रता शुरू कर दी। बताया जाता है कि पूर्ति निरीक्षक के साथ ग्रामीणों ने मारपीट भी की।
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हंगामे के चलते तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर जहांगीरगंज समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। पुलिस ने हंगामा कर रहे दो को हिरासत में लिया। इस बीच सीओ आलापुर ने तहसील परिसर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। बाद में पूर्ति निरीक्षक ने थाने पहुंचकर केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।


मंगलवार अपराह्न पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र शुक्ला अपने चार पहिया वाहन से आलापुर तहसील परिसर से घर जाने की तैयारी में थे। इसी बीच ग्राम पंचायत आमादरवेशपुर के ग्रामीण तहसील परिसर पहुंचे। पूर्ति निरीक्षक के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि पूर्ति निरीक्षक ने मनमाने ढंग से निलंबित कोटे को बहाल कर दिया, जबकि उसे निरस्त किया जाना चाहिए।
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ग्रामीणों ने वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। बताया जाता है कि कुछ ने पूर्ति निरीक्षक को वाहन से बाहर निकाल लिया। उनके साथ अभद्रता करने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्ति निरीक्षक के साथ ग्रामीणों ने मारपीट भी की।


जानकारी पर जहांगीरगंज एसओ बीडी तिवारी व आलापुर थाना प्रभारी एनएन शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस फोर्स को देखते ही हंगामा कर रहे ग्रामीण भाग खड़े हुए। इस बीच सीओ आलापुर आरपी राय ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। बाद में पुलिस दो लोगों को हिरासत में लेकर जहांगीरगंज थाने चली गई।


मामले में केस दर्ज करने के लिए पूर्ति निरीक्षक ने तहरीर दी। एसओ बीडी तिवारी ने बताया कि तहरीर मिली है। इसके आधार पर केस दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी गई। गौरतलब है कि गत 5 जून को ग्रामीणों ने अनाज के वितरण में मनमानी बरते जाने की शिकायत की थी। जांच के बाद डीएम के निर्देश पर जिलापूर्ति अधिकारी ने 19 सितंबर को कोटा निलंबित कर दिया था। 19 नवंबर को कोटा बहाल कर दिया गया। इसी को लेकर ग्रामीण नाराज थे।


पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि कोटा निरस्त कराने को लेकर ग्रामीणों द्वारा दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने मारपीट किए जाने की घटना से इन्कार किया। कहा कि कुछ ग्रामीण कोटा बहाली को लेकर नाराज थे। वे अभद्रता करने के साथ ही मारपीट पर उतारू थे।
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