अंबेडकरनगर। दो अलग अलग मामले के दोषी अभियुक्तों को न्यायाधीशों ने मंगलवार को सजा सुनाई। दुष्कर्म के अभियुक्त को अपर जिला जज एफटीसी प्रथम ने 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। इसके अलावा अपर जिलाजज एफटीसी द्वितीय ने एनडीपीएस एक्ट के दोषी को 4 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
आलापुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने वर्ष 2011 में एक केस दर्ज कराया। बताया कि उसकी पुत्री पढ़ने के लिए गयी थी। सभी बच्चे वापस आ गए, लेकिन उसकी पुत्री वापस नहीं लौटी। खोजबीन के बाद भी जब पता नहीं चला तो उसने थाने में तहरीर दी। काफी हीलाहवाली के बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया।
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि रामबूझ नामक एक युवक ने उसकी पुत्री का अपहरण कर लिया। पुलिस ने बालिका को बरामद करने के साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने पीड़ित बालिका की तरफ से कई ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे यह साबित हुआ कि रामबूझ ने बालिका का अपहरण किया, और उसके साथ दुष्कर्म किया।
साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला जज एफटीसी प्रथम निरुपमा विक्रम ने मंगलवार को अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी रामबूझ को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी। साथ ही 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।
वहीं, अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय अखिलेश्वर मिश्र ने एनडीपीएस एक्ट के अभियुक्त अर्जन सिंह को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनायी। बीते दिनों बसखारी पुलिस ने आरोपी के विरुद्घ केस दर्ज कर जेल भेजा था। पुलिस ने बताया था कि गश्त के दौरान अभियुक्त की गिरफ्तारी की गई थी। उसके पास से गांजा बरामद हुआ था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश वर्मा ने पुलिस की तरफ से न्यायालय के समक्ष आवश्यक साक्ष्य व गवाह प्रस्तुत किया। इसी के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनायी।