अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन में सोमवार सुबह तकनीकी खराबी आ गई। नतीजा यह रहा कि सीटी स्कैन के लिए यहां आने वाले बड़ी संख्या में मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सीटी स्कैन के लिए प्रतिदिन औसतन जिला अस्पताल में 50 से अधिक मरीज पहुंचते हैं, लेकिन मनमानी के चलते लगभग 15 मरीजों का ही सीटी स्कैन होता है। इस बीच सोमवार को भी बड़ी संख्या में मरीज सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल पहुंचकर संबंधित कक्ष के समक्ष लाइन में खड़े हो गए, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है। ऐसे में सीटी स्कैन नहीं हो सकेगा। इससे लाइन में लगे मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
सोमवार को सीटी स्कैन के लिए आने वाले मरीजों के लिए मुश्किलों भरा रहा। सीटी स्कैन के लिए सुबह से ही मरीजों का जिला अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते कक्ष के समक्ष मरीजों की लंबी लाइन लग गई। सुबह दस बजे करीब कर्मचारी द्वारा जानकारी दी गई कि मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है। ऐसे में सीटी स्कैन नहीं हो सकेगा। नतीजा यह हुआ कि मरीजों को बगैर सीटी स्कैन कराए ही मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। बताते चलें कि सीटी स्कैन के लिए प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक मरीज जिला अस्पताल में पहुंचते हैं। यह अलग बात है कि लैब टेक्नीशियन की मनमानी के चलते प्रतिदिन 12 से 15 मरीजों का ही सीटी स्कैन ही होता है।
बताते चलें कि लगभग दो वर्ष पहले मरीजों के हित को देखते हुए जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन की स्थापना हुई थी। इसके संचालन से मरीजों को व्यापक लाभ मिला था। कारण यह कि सीटी स्कैन के लिए मरीजों का या तो राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर तक की दौड़ लगानी पड़ती थी या फिर पैथालॉजी सेंटरों पर उन्हें सीटी स्कैन कराना पड़ता था। इससे उन्हें बड़ी आर्थिक चपत लगती थी। इसके अलावा जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था न होने से मार्ग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों को भी अक्सर प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता था। मरीजों की इन्हीं सब मुश्किलों को देखते हुए शासन ने जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की निशुल्क व्यवस्था कराए जाने का निर्णय लिया था।
एक माह पूर्व दिया गया था समय
सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल पहुंचे जलालपुर के राकेश ने कहा कि वह एक माह पहले सीटी स्कैन के लिए आया था। 29 अक्तूबर को सीटी स्कैन के लिए समय दिया गया था। अब जब वह यहां आया, तो बताया गया कि मशीन खराब है। अब कब जांच होगी, इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं है। लालजी व विमला देवी ने कहा कि बड़ी उम्मीद लेकर वे सीटी स्कैन के लिए यहां आए थे, लेकिन मशीन खराबी के चलते उन्हें लौटना पड़ रहा है। कहा कि वह बीते चार दिनों से सीटी स्कैन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। तारा देवी व बिफना देवी ने कहा कि वे बीते एक पखवारे के अंदर तीन बार दौड़ाया गया। सोमवार को भी बुलाया गया था, लेकिन आज भी मायूसी हाथ लगी।
उच्चाधिकारियों को दे दी गई सूचना
सोमवार को सुबह सीटी स्कैन मशीन में कुछ तकनीकी खराबी आई थी। इससे पूरे दिन कार्य बाधित रहा। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस