अंबेडकरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के निकट धरना-प्रदर्शन किया। कहा गया कि 50 प्रतिशत अनुदान पर खरीदे गए धान की सब्सिडी संबंधित किसानों के खाते में नहीं जा सकी है। इतना ही नहीं, गन्ना किसानों का भी चीनी मिल लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये दबाए बैठी है। लंबे समय से इसके भुगतान की मांग की जा रही है, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
जिलाध्यक्ष गनपति वर्मा ने केंद्र व प्रदेश सरकारों पर किसानों का विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा कि 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों ने धान खरीदा था। इसकी सब्सिडी धनराशि अब तक संबंधित किसानों के खाते में नहीं जा सकी है। इससे किसानों के समक्ष विभिन्न प्रकार की आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सब्सिडी धनराशि खाते में भेजे जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
वक्ताओं ने कहा कि अकबरपुर चीनी मिल प्रशासन द्वारा अभी भी किसानों का साढ़े सात करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया जा सका है। इसके लिए किसान लगातार चीनी मिल का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही है।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से नहरों व माइनरों की साफ सफाई की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कहा गया कि खासपुर, ममरेजपुर, शरीफपुर, आसोपुर माइनर की साफ सफाई कराकर टेल तक पानी पहुंचाया जाए, जिससे किसानों को सिंचाई में समस्या न हो। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान भागीरथी यादव, रश्मि श्रीवास्तव, रामकरन, मनीराम, दयाराम, दीपनरायन आदि मौजूद रहे।