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उर्स में उमड़ी भीड़ का गेस्ट हाउस मालिक उठा रहे लाभ

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बसखारी (अंबेडकरनगर)। विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह में चल रहे सालाना उर्स में जायरीन की भारी भीड़ उमड़ने से गेस्ट हाउस मालिकों की चांदी हो गई है। जायरीन से मुंह मांगी रकम ली जा रही है। और तो और खेतों में कैंप लगाकर 500 से 800 रुपये प्रतिदिन की दर से जायरीन से किराया वसूला जा रहा है। इससे जायरीन को बड़ी आर्थिक चपत लग रही है।
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उधर जायरीन की भारी भीड़ उमड़ने के चलते उर्स परिसर में साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। नियमित साफ सफाई न होने से न सिर्फ जगह जगह कूड़ा करकट का ढेर लगा हुआ है, बल्कि नालियां भी बजबजा रही हैं।

इन दिनों महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी की दरगाह किछौछा में सालाना उर्स चल रहा है। पहले दिन से ही उर्स में भाग लेने के लिए देश विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया था। आलम यह है कि मौजूदा समय में उर्स परिसर में तिल रखने का स्थान भी नहीं रह गया है।
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सभी गेस्ट हाउस जायरीन से भर चुके हैं, तो खेतों में भी कैंप लगाकर जायरीन को किराए पर दिया जा रहा है। छोटे छोटे कैंप का भी 500 से 800 रुपये प्रतिदिन के अनुसार किराया वसूला जा रहा है। इससे जायरीन को बड़ी आर्थिक चपत लग रही है। बिहार से आए जायरीन मो. शमीम व कोलकाता की आयशा ने कहा कि खेत में लगे कैंप में रहने को मिला है। 700 प्रतिदिन की दर से किराया देना पड़ रहा है।

इसमें किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। अब मजबूरी है, इस प्रकार के कैंप में रहने की। वहीं, इंतजामिया कमेटी के तमाम दावों के बावजूद जायरीन को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। ि
नयमित साफ सफाई न होने से न सिर्फ जगह जगह कूड़ा करकट का ढेर लगा हुआ है, बल्कि नालियां भी बजबजा रही हैं। इससे देश विदेश से आने वाले जायरीन को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच अध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने कहा कि जायरीन को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
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