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90 ग्राम प्रधानों व सचिवों पर लटकी कार्रवाई की तलवार

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अंबेडकरनगर। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने वाले 90 ग्राम प्रधानों व संबंधित सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। असल में साढ़े चार करोड़ की धनराशि निकल जाने के बाद भी शौचालय निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में संबंधित सचिवों व ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि एक सप्ताह में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया, तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बरते जाने वाले ग्राम प्रधानों व संबंधित सचिवों पर एफआईआर भी दर्ज कराया जा सकता है।
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गौरतलब है कि पूर्व में शासन से जिले को 2 अक्तूबर तक पूरी तरह ओडीएफ किए जाने का निर्देश पूर्व में दिया गया था। हालांकि बीते दिनों यह समय सीमा समाप्त कर दी गई। जिले को अब तक ओडीएफ न किए जा सकने के पीछे ग्राम प्रधानों व सचिवों की बड़ी लापरवाही सामने आई। बीते दिनों योजना से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक में जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने निर्देशित किया था कि सभी नोडल अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में चल रहे शौचालय निर्माण की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। दो माह पूर्व जो धनराशि भेजी गई थी, उससे शौचालयों का निर्माण हुआ या नहीं, इसकी पूरी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। यह भी निर्देशित किया कि यदि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो न सिर्फ ग्राम प्रधान, बल्कि संबंधित सचिवों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर नोडल अधिकारियों ने जांच की, तो 90 ग्राम पंचायतों में शौचालय के निर्माण की प्रगति अत्यंत दयनीय मिली। ग्राम प्रधानों द्वारा शौचालय के नाम पर मिली लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये दबाने का मामला प्रकाश में आया। एक जिलास्तरीय नोडल अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच में ग्राम प्रधानों व सचिवों की बड़ी लापरवाही सामने आई। बताया कि किसी ने बारिश का मौसम होने का हवाला दिया, तो किसी ने पात्रों के खाते में धनराशि भेज दिए जाने की बात कही। कुछ ने राजगीर न मिलने का भी हवाला दिया।
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इन गांवों में पाई गई लापरवाही
जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय के लिपिक ने बताया कि 90 गांव जांच में ऐसे पाए गए, जहां के ग्राम प्रधान व सचिवों द्वारा धनराशि होने के बावजूद शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। इनमें बसखारी विकास खण्ड के केवटला, सुलेमपुर तरसावां, अरुषा, आजमपुर, अकबरपुर विकास खण्ड के अहलादे, अलावलपुर, सुलेमपुर, पलई कल्यानपुर, कुर्चा, नैली, पखनपुर, रामनगर विकास खण्ड में सिपाह, सैदपुर, अरमा, सेमरा नानापुर, टांडा विकास खण्ड मोहिउद्दीनपुर, शाहपुर, कुरमौर, दहियावर, भीटी विकास खण्ड में महापारा, पिछवारा, हृदयपुर, जलालपुर विकास खण्ड के हरिपालपुर, बैरागल, गुवापाकड़ व रेवई आदि शामिल हैं।

लापरवाह प्रधानों व सचिवाें पर होगी कार्रवाई
नोडल अधिकारियों की जांच रिपोर्ट मिल गई है। संबंधित ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। यदि निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो जिलाधिकारी के निर्देश के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। -रामअशीष चौधरी, प्रभारी डीपीआरओ
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