सत्यापन के अभाव में लटका साढ़े तीन हजार गरीबों का आवास
अंबेडकरनगर। अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से शहरी क्षेत्र में रह रहे लगभग साढ़े तीन हजार गरीबों को पक्के आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा। दरअसल वर्ष 2017-18 में शासन से मिली 5564 आवास के निर्माण की संस्तुति के सापेक्ष सत्यापन के अभाव में 3352 आवासों का निर्माण कार्य ही प्रारंभ नहीं हो सका है।
2209 आवासों का निर्माण कार्य सभी पांच निकाय क्षेत्रों में चल रहा है जबकि मात्र अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में तीन आवासों का निर्माण कार्य ही पूर्ण हो सका है।
शहरी क्षेत्र में रह रहे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का पक्के आवास में रहने का सपना पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना का संचालन किया जा रहा है।
योजना के तहत वर्ष 2017-18 में तीन नगर पालिका परिषद अकबरपुर, जलालपुर व टांडा तथा दो नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा व इल्तिफातगंज में कुल 5564 पात्रों का चयन योजना के तहत किया गया।
कोलकाता की नामित एजेंसी द्वारा संबंधित पात्रों का प्रारंभिक सत्यापन कर उसकी सूची शासन को भेज दी गई थी। इस पर शासन ने आवासों के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि डूडा को उपलब्ध करा दी।
इस बीच नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के कर्मचारियों व सभासद द्वारा स्थलीय सत्यापन के बाद पात्रों के खाते में प्रथम किस्त की धनराशि भेजकर निर्माण कार्य कराए जाने का निर्देश शासन ने दिया।
शासन के तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद सत्यापन को लेकर कर्मचारी व सभासद पूरी तरह लापरवाह बने रहे। नतीजतन सत्यापन के अभाव में अब तक 3352 आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं हो सका।
मात्र अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में तीन आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो सका जबकि 2209 आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है।
डूडा के वरिष्ठ लिपिक एके मौर्या ने बताया कि अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में स्वीकृत 3462 के सापेक्ष तीन आवास पूर्ण हुए हैं जबकि 1295 पर निर्माण कार्य चल रहा है।
2 हजार 64 आवास सत्यापन न होने के चलते प्रारंभ नहीं हो सके हैं। टांडा में स्वीकृत 658 आवास के सापेक्ष 266 पर निर्माण कार्य चल रहा है जबकि 392 का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।
जलालपुर में 106 आवास के सापेक्ष 56 का निर्माण कार्य चल रहा है जबकि 50 आवास का निर्माण कार्य सत्यापन के अभाव में लटका है।
नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में 392 के सापेक्ष 182 पर कार्य प्रारंभ है जबकि 210 पर अभी निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ। इसी तरह इल्तिफातगंज में 946 के सापेक्ष 410 पर कार्य चल रहा है जबकि 536 पात्र सत्यापन की बाट जोह रहे हैं।
डूडा के परियोजना अधिकारी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि जिन पात्रों के सत्यापन का कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है, उनसे संबंधित नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारियों को सत्यापन का कार्य अतिशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। शीघ्र ही सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।