सीनाजनी के बीच निकला पहली मोहर्रम का जुलूस
अंबेडकरनगर। लब्बैक या हुसैन की सदाओं के बीच बुधवार रात पहली मोहर्रम का जुलूस परंपरागत ढंग से जिला मुख्यालय पर निकला।
इसमें जहां अंजुमन के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की, वहीं उलमा ने कर्बला की शहादत पर तफसील से रोशनी डाली। उधर गुरुवार को भी सुबह से ही मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया जो देर रात तक जारी रहा।
अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड के तत्वावधान में बुधवार रात अकबरपुर नगर के मीरानपुर मोहल्ला स्थित पेवाड़ा चौक से पहली मोहर्रम का जुलूस निकला। यह जुलूस सुन्नी भाई निकालते हैं।
अलम व ताबूत का जुलूस मोहल्ले का भ्रमण करने के बाद गुरुवार भोर में शाही इमामबारगाह पहुंचकर खत्म हुआ। नौहाख्वान रजा अनवर ने हमराह साथियों के साथ खास अंदाज में नौहा पढ़कर माहौल को गमगीन बना दिया।
अंजुमन के सदस्यों ने जोरदार मातम करते हुए लब्बैक या हुसैन की सदाएं बुलंद की। इस दौरान हसन अस्करी मजलिसी, आरिफ अनवर, यासिर हुसैन, रेहान जैदी व गालिब अब्बास पप्पू आदि मौजूद रहे।
उधर इमामबारगाह हुसैनिया अब्दुल्लापुर में जमी मजलिस में मौलाना मीसम अली ने युवाओं से अपील की कि वे कर्बला के मकसद को लोगों तक पहुंचाएं। कर्बला का मकसद इंसानियत की जड़ को कयामत तक मजबूत करना था।
अगर हम सच्चे हुसैनी हैं तो कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे जिससे किसी को ठेस पहुंचे। इस दौरान राजा मेहंदी, बाकर मेहंदी व गुलजार आदि मौजूद रहे।
इमामबारगाह चौधरी सिब्ते मोहम्मद नकवी में मौलाना कामरान रिजवी ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इमाम हुसैन का मकसद नमाज को बचाना था। इस मौके पर हसन अस्करी मजलिसी, अली अस्करी नकवी, सज्जाद हुसैन व परवेज खान आदि मौजूद रहे।
पूर्वांचल के प्रसिद्ध तीन मोहर्रम का जुलूस अंजुमन हैदरिया रजिस्टर्ड के तत्वावधान में बारगाहे हुसैनिया अब्दुल्लापुर से शुक्रवार देर शाम निकलेगा।
संयोजक हाईकोर्ट के अधिवक्ता साबिर अली व अंजुमन सचिव बादशाह हुसैन ने बताया कि देर शाम निकलने वाला जुलूस मोहल्ले का भ्रमण करते हुए सुमित्रा जेतली इंटर कालेज, शहजादपुर चौक, सब्जी मण्डी, पहितीपुर चौराहा होते हुए कर्बला इमामबाग पहुंचकर संपन्न होगा।
जुलूस में अंजुमन अजाए हुसैन जाफराबाद जलालपुर, अंजुमन हैदरिया रजिस्टर्ड अब्दुल्लापुर व अंजुमन हैदरिया कदम अब्दुल्ला के सदस्य नौहाख्वानी व सीनाजनी करेंगे।