फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माझा उल्टहवा के सात पुरवों में पहुंचा सरयू नदी का पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
टांडा/विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। सरयू की बाढ़ का पानी माझा उल्टहवा ग्राम पंचायत के सात पुरवों तक पहुंच गया है। इससे लगभग 2400 आबादी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नदी का पानी खतरे के लाल निशान से 65 सेमी. ऊपर बह रहा है। जल स्तर में हुई वृद्घि ने इस बीच टांडा व आलापुर तहसील के लगभग 800 बीघा फसल व खेतों को जलमग्न कर दिया है। प्रशासन ने इस बीच राहत सामग्रियों का प्रबंध तेज कर दिया है।
विज्ञापन

पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। शुक्रवार सुबह 6 बजे से जलस्तर में वृद्धि शुरू हुई, तो शाम 6 बजे तक जलस्तर 93.38 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 65 सेमी. ऊपर था। नदी के उफनाने से माझा उलटहवा के सात मजरों कुसमौलिया, जालिम का पूरा, दिलशेर का पूरा, बाबूराम का पूरा, सरपताही, सत्तहवा व केवटाही में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। संबंधित मजरों के 500 से अधिक घर बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। संबंधित मजरों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लगभग 2400 आबादी प्रभावित हुई। बाढ़ के चलते इन मजरों का मुख्य सड़क से संपर्क पहले ही टूटा है। ऐसे में संबंधित मजरों के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इसके अलावा माझा अवसानपुर, माझा करमपुर बरसावां, नैपुरा, सलारपुर, महरीपुर, आसोपुर, डुहिया, इस्माइलपुर बेलदहां, फूलपुर, केवटला, पलटूपीर समेत कई अन्य गांव भी बाढ़ के पानी से घिर गए। इससे संबंधित गांव के ग्रामीणों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। इतना ही नहीं, बाढ़ का पानी गावों तक पहुंचने से लगभग 800 बीघा फसल भी पूरी तरह जलमग्न हो गई। इससे संबंधित क्षेत्र के मवेशियों के लिए चारे का संकट बढ़ गया है।
विज्ञापन


मोहल्लों में भी पहुंचा बाढ़ का पानी
सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 65 सेमी. ऊपर पहुंचने पर बाढ़ का पानी नाले नालियों से होता हुआ टांडा नगर के मोहल्लों में पहुंच गया है। शुक्रवार को नगर के मेहनिया, नेहरूनगर, छज्जापुर, कश्मीरिया नई बस्ती, तलवापार, मुसहा की गलियों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। इसके अलावा नदी के किनारे स्थित हनुमान गढ़ी, शनि मंदिर, नेहरूनगर स्थित शिवालय भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। इससे संबंधित मंदिरों में पूजन अर्चन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं।

अधिकारियों ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का लिया जायजा
जलस्तर में हुई वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने हालात की समीक्षा की। उपजिलाधिकारी पंकज सिंह से दूरभाष पर आवश्यक जानकारी प्राप्त की। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम व तहसीलदार ने राजस्व टीम के साथ बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित माझा उलटहवा का निरीक्षण किया। आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बाढ़ प्रभावितों की सूची तैयार की। शीघ्र ही खाद्य सामग्री व मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें