विद्युतनगर/जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। उफनाई सरयू नदी का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर 92.880 मीटर पर पहुंच गया। नतीजा यह रहा कि टांडा व आलापुर तहसील के माझा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुसने को बेताब दिखा। जलस्तर बढ़ने से सरयू नदी के किनारे स्थित करीब सौ बीघे फसल व चारागाह जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है। हालांकि रविवार शाम 6 बजे तक नदी का जलस्तर 92.880 मीटर पर ही स्थिर रहने से ग्रामीणों को थोड़ा सुकून मिला है, लेकिन भविष्य को लेकर चिंता बरकरार है। उधर नदी के उफान को देखते हुए जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने दोनों तहसीलों के एसडीएम को बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया है। लगातार हो रही बारिश व नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। शनिवार को जहां जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 13 सेमी ऊपर था, वहीं रविवार पूर्वाह्न 11 बजे जलस्तर 15 सेमी बढ़कर 92.880 मीटर पर पहुंच गया। नतीजा यह हुआ कि टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत माझा कम्हरिया, माझा उलटहवा, माझा करमपुर बरसावां, माझा इस्माइलपुर, माझा छज्जापुर समेत आधा दर्जन गांवों के अंदर बाढ़ का पानी घुसने के आसार नजर अने लगे। जलस्तर में हुई वृद्धि के चलते संबंधित गांवों के करीब सौ बीघे खेत व चारागाह काफी हद तक जलमग्न हो चले हैं। नतीजा यह कि पशुओं के चारे का संकट खड़ा होने लगा है। आने वाले दिनों में इसमें और ज्यादा बढ़ोत्तरी हो सकती है।
उधर लगातार सरयू नदी का जलस्तर रविवार पूर्वान्ह 11 बजे तक 93.880 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया। अपरान्ह तीन बजे तक यही स्थिति बनी रही। शाम 6 बजे नदी का पानी मापा गया तो भी जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर स्थिर था। इससे निकटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन उनमें दहशत अभी भी बरकरार है। उनका मानना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि होती रही, तो अगले 24 घंटे के अंदर लगभग आधा दर्जन गांव के अंदर तक बाढ़ का पानी पहुंच सकता है। बाढ़ प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से पशुओं के चारे का संकट दूर करने की मांग की।
दोनों तहसीलों में भ्रमण पर रहें अधिकारी
नदी के उफान को देखते हुए जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने रविवार को फिर से दोनों तहसीलों के एसडीएम से फोन पर बाढ़ की स्थिति के बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। कहा कि बाढ़ प्रभावितों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। भ्रमण पर रहते हुए गांवों की स्थिति जलस्तर पर लगातार पैनी निगाह रखी जाए। यदि गांव तक बाढ़ का पानी पहुंचता है, तो संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। डीएम ने कहा कि यदि चारे का संकट हो, तो उसे दूर करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
तत्काल मिलेगी मदद
बाढ़ से पीड़ित होने पर संबंधित ग्रामीणों को तत्काल मदद दिलाई जाएगी। इसके लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रतिदिन दो चरण में समीक्षा की जा रही है। -सुरेश कुमार, डीएम