अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना के तहत वर्ष 2017-18 में पात्रता सूची में शामिल 340 पात्रों का पक्के आवास में रहने का सपना अधर में लटक गया है। दरअसल शासन द्वारा नामित कोलकाता की एजेंसी ने योजना के तहत आवेदन करने वालों के सत्यापन में 4720 को पात्र पाया था। आवास निर्माण के लिए उनके खाते में धनराशि भेजने से जब जिला स्तर पर राजस्वकर्मियों द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया गया, तो 340 पात्र ऐसे पाए गए, जिनके द्वारा आवास के लिए दिखाई गई भूमि या तो विवादित थी या फिर सरकारी भूमि थी। राजस्वकर्मियों की रिपोर्ट के बाद संबंधित पात्रों के खाते में धनराशि नहीं भेजी गई। अब इन सभी संबंधित का एक बार फिर से सत्यापन होगा। यदि इसमें भी गड़बड़ी पायी गई, तो इनके स्थान पर नए पात्रों का चयन किया जाएगा।
पक्के आवास में रहने का सपना पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत वर्ष 2017-18 में जिले को 4720 आवास का लक्ष्य दिया गया। शासन द्वारा चयनित कोलकाता की एजेंसी ने जिले में पहुंचकर आवेदनकर्ता का सत्यापन किया गया। सत्यापन के बाद शासन को 4 हजार 720 पात्रों की सूची भेज दी गई। इसमें अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र में 2977, टांडा नगर पालिका क्षेत्र के 437, जलालपुर नगर पालिका क्षेत्र के 91, नगर पंचायत इल्तिफातगंज के 903 व नगर पंचायत किछौछा के 317 पात्र शामिल हैं। पात्रता सूची मिलने के बाद शासन से डूडा अंबेडकरनगर को 10 करोड़ 9 लाख रुपये उपलब्ध करा दिए गए।
पात्रों को आवासीय योजना का लाभ अविलंब मिल सके, इसके लिए प्रशासन ने पात्रों के खाते में धनराशि भेजने से पहले राजस्वकर्मियों द्वारा पात्रता सूची में शामिल पात्रों का दोबारा भूमि सत्यापन कराया। प्रथम चरण में पात्र पाए गए 1591 पात्रों के खाते में प्रथम व द्वितीय किस्त की धनराशि 7 करोड़ 72 लाख रुपये की धनराशि भेज दी गई। शेष 3129 पात्रों का स्थलीय सत्यापन दूसरे चरण में हुआ, तो 340 पात्र ऐसे पाए गए, जिनके द्वारा आवास निर्माण के लिए दिखाई गई भूमि या तो विवादित थी या फिर सरकारी। राजस्वकर्मियों की रिपोर्ट के बाद संबंधित पात्रों के खाते में राशि भेजे जाने पर रोक लगा दी गई। अब इन पात्रों का पुन: सत्यापन होगा। यदि इसमें भी मामला रिपोर्ट के अनुसार ही पाया गया, तो इन्हें अपात्र घोषित करते हुए इनके स्थान पर नए पात्रों का चयन होगा। जांच में यह भी पाया गया कि 1120 पात्र ऐसे पाए गए, जिनका अब तक एमआईएस फीडिंग नहीं हो सका। ऐसे में उनका एमआईएस फीडिंग अविलंब कराए जाने का निर्देश दिया गया है।
शीघ्र होगा दोबारा सत्यापन
राजस्वकर्मियों द्वारा सत्यापन में 340 पात्र द्वारा आवास के लिए दिखाई भूमि में कुछ तकनीकी गड़बड़ी पाई गई है। अब एक बार फिर से सत्यापन कराया जाएगा। यदि इस बार के सत्यापन में भी राजस्वकर्मियों की रिपोर्ट सही पाई गई, तो इनका नाम पात्रता सूची से हटाकर, उनके स्थान पर नए पात्रों का चयन होगा। -उमेश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक राज्य नगरीय विकास अभिकरण